हौसले बुलंद हो तो कठिन राह भी आसान हो जाती हैं

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केरल (पल पल न्यूज): प्रेरणा अपने आप में चमत्कार होता है। यह एक मजपूत ताकत की तरह हमारा साथ देता है और हमें अपने सपनों से भचकने नहीं देता। हमने बहुत सारी ऐसी कहानियां सुनी है जिसमें लोग दूसरों के द्वारा चले रास्तों को उदाहरण मानकर उन रास्तों पर चल देते हैं। खासकर विद्यार्थी वर्ग बिना उलझन और दुविधा में पड़े उन कहानियों की मदद से अपना रास्ता खोज निकालते हैं।

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सी. वनमती का जीवन प्रेरणा का सबसे अच्छा उदाहरण है जिन्होंने हमेशा आशा का दामन थाम कर रखा। वनमती केरल के इरोड जिले के सत्यमंगलम कॉलेज में पढ़ने वाली एक साधारण लड़की थी। अपने पिता के साथ रहती थी, पढ़ाई में मेहनती थी और कॉलेज से लौटकर अपने पशुओं को चराने के लिए ले जाया करती थी जीसमें उन्हें बड़ा संतोष मिलता था। परंतु यह सबकुछ बदल गया जब उन्होंने सिविल सर्विसेस की परीक्षा देने का मन बनाया।

ऐसा नहीं है कि उन्हें एक ही बार में सफलता मिली। तीन बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। 2015 की यूपीएससी के परिणाम की अंतिम सूची में 1236 लोगों में से एक नाम उनका था। इस समय वे अपने पीता के साथ हॉस्पिटल में थी। उनके पीता को टी.एन.चेन्नियपन को स्पाइन में चोट लगी थी। यह घटना तब हुई जब वनमति के इंटरव्यू के सिर्फ दो दिन ही बच गए थे। उनके पिता का सारा दर्द खुशियों में तब बदला जब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा में 152वां स्थान प्राप्त किया है।

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वनमति का जन्म सामान्य परिवार में हुआ था। उनके माता पिता बहुत पढ़े लिखे नहीं थे और इरोड में इनका परिवार पशु-पालन करता था और पिता ड्राइवर थे। वनमति का बचपन भैंसों के उपर बैठकर और जानवरों को चरात् हुए बीता था। पर वे हमेशा अपने अपने आप को एक कलक्टर के रूप में ही देखती थी। जब उन्होंने बारहवी की पढ़ाई पूरी कर ली तब उनके संबंधी इनके माता-पिता को उनकी शादी के लिए सलाह दे रहे थे। उनके समुदाय में यह सामान्य सी बात थी परंतु वनमती की अपनी अलग सोच थी। इस बात के लिए उनके माता-पिता से उन्हें हमेशा सहारा मिला।

वनमति ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा गंगा जमुना सरस्वती नामक सीरियल की नायिका से मिली है। इस सीरियल में नायिका एक आईएस ऑफिसर थी। दूसरी प्रेरणा उन्हें जिले के कलेक्टर से मिली। जब वे वनमती के स्कूल आए थे तब उस वक्त उनको मिले आदर और सम्मान ने भई उन्हें कलेक्टर जैसा बनने को प्ररित किया और उन्होंने सिविल सर्विसेस की पढ़ाई करने का निश्चय किया।

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यूपीएससी के परिणाम अने के पहले वनमती ने कंप्यूटर एप्लीकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और एक प्राइवेट बैंक में नौकरी कर रही थी। आज वे न केवल अपने माता-पिता की देखभाल कर रही हैं बल्कि पूरे समाज और अपने देश को उसी दृढ़ता से सेवा दे रही हैं।

Khushboo Akhtar

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