जमाते इस्लामी के अमीर की फांसी राजेनैतिक मर्डर है- अस्मा जहांगीर

जमाते इस्लामी के अमीर की फांसी राजेनैतिक मर्डर है- अस्मा जहांगीर

पाकिस्तान के हयूमन राईट कमीशन के प्रमुख रह चुकें और अपने देश में मानवाधिकार की लडाई लड रहे अस्मा जहांगीर  ने बांग्लादेश के जमाते इस्लामी के प्रमुख मोती उर्रहमान निजामी की फासी को करार देते हुयें बयान दिया है कि निजामी के साथ कोर्ट ट्रायल में इन्साफ नही हुआ है उनको बचान करने का मौका दियें बिना राजनैतिक बदले की भावना से फासी दी गयी हैं।

अस्मा जहांगीर को बांग्लादेश की शेख हसीना वाजिद सरकार फ्रेंड्स आफ बांग्लादेश अवार्ड दे चुकी हैं उन्होने आसंका जाहिर कि शेख हसीना सरकार द्वारा न्याय के बंदक बना कर कोर्ट करवाएं जा रहे इस तरह के राजनैतिक मर्डर के बाद बांग्लादेश में मुस्लिम चरमपंथी को मजबूत होने का मौका मिलेगा.

उन्होने कहा जिस प्रकार एक के बाद जमात के लीडर को फासी हो रही हैं ये स्वाभाविक हैं बांग्लदेश हिंसा की तरह जा सकता है

उनका कहना था कि ट्रायल में आरोपी को अपने बचाव का मौका मिलना चाहियें,पाकिस्तान आर्मी के सीवील वार में कृत्य को किसी मजहबी और राजनैतिक तंजीम से बदला लेना गलत हैं

उधर पाकिस्तान में जमाते इस्लामी के प्रमुख ने पाक सरकार द्वारा निजामी की फासी पे चुप्पी साधने पे निंदा की है.

Khushboo Akhtar

The author didn't add any Information to his profile yet.