बरकत और रहमत के पाक महीने में रखें अपने सेहत का ख़ास ध्यान

बरकत और रहमत के पाक महीने में रखें अपने सेहत का ख़ास ध्यान

रमजान शुरू हो चुके हैं। बरकतों के इस महीने में रोजे रख कर सवाब पाने के साथ ही अपनी सेहत में मनचाहा सुधार करने की भी पूरी गुंजाईश मौजूद रहती है। लेकिन पीरे दिन भूखे प्यासे रहने के बाद लोग इफ्तारी और सहरी में अधिकतर ऐसी चीजें खाते हैं जो उनकी संहत को बिगाडती ही हैं। अधिकतर लोग साल भर ऐसी चीजें खाते हैं जो उनके पाचन तंत्र को बिगाड़ती हैं और शरीर पर चर्बी जमा करती हैं। ऐसे में यदि आप वजन घटाने के लिए उपयुक्त मौके की तलाश में हैं तो यकीन मानिए, रमजान से बेहतर और मौका नहीं है।

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रोजा रखने पर इंसान को आंख, हाथ, दिल और मुंह से कुछ भी बुरा करने से परहेज करना चाहिए। रोजा रखने वाले इंसान को हमेशा बुराई से तौबा करते रहना चाहिए। इससे रोजा रखने वाले का दिल साफ रहता है।

रोजे के दौरान रोजा रखने वाले को सूर्य निकलने से पहले सूर्य डूबने तक किसी भी तरह की चीज खाने-पीने से परहेज करनी चाहिए। सूर्य डूबने के बाद और सूर्य निकलने से पहले उसे हल्का खाना खाना चाहिए। रोजेदार के दिन शुरूआत हल्की सुबह में अजान से पहले सेहरी खाकर होती है।

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रमजान के दौरान शरीर में खाना पचने की क्षमता भी धीमी हो जाती है और शरीर में उर्जा का स्तर भी कम हो जाता है। इन सबसे बच कर इफ्तारी में खजूर, फल, सब्जियां, जूस आदि बेहतर विकल्प हैं। सहरी के वक्त खाना बेहद जरूरी है ये वो खाना है जिससे सारे दिन भूखे-प्यासे रहकर रोज़ा रखने की ऊर्जा मिलती है। सहरी के वक्त दो गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। रमजान केवल रोज़ा रख कर सोने, खाने का बहाना भर नहीं है। रमजान के दौरान भी अपनी दिनचर्या बरकरार रखनी चाहीए जिससे शरीर में सक्रियता बनी रहे। हालांकि रमजान के दौरान कठिन व्यायाम बिल्कुल नहीं करने चाहिए।

रमजान की इफ्तार के दौरान मिठाईयां भी खायी जाती हैं। लेकिन कोशिश अगर वजन घटाने की हो तो इन्हें बिलकुल अनदेखा कर देना चाहिए। सूखे मेवे और शहद का सेवन करें ये जहां शरीर की मीठे की जरूरत को पूरा करते हैं वहीं साथ ही शरीर में अनावश्यक चर्बी को जमा होने से भी रोकते हैं।

satyabha

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