मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए बनाया गया क्योंकि वह ब्रह्मचारी है: जस्टिस महेश चंद्र शर्मा

मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए बनाया गया क्योंकि वह ब्रह्मचारी है: जस्टिस महेश चंद्र शर्मा

दिल्ली(पल पल न्यूज) : राजस्थान हाईकोर्ट के जज महेश चंद्र शर्मा ने आज भारत में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अनुशंसा की। उन्होंने गौवध पर 10 साल के कारावास की सजा को बढ़ाकर उम्रकैद करने का सुझाव भी दिया। यह उक्त सुझाव जज ने हिंगोनिया गौशाला मसले पर फैसला सुनाते हुए सरकार को दिए।

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जज महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि नेपाल की तर्ज पर भारत में भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने फैसले में तमाम वेदों और धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए यह विस्तार से बताया कि गाय इंसान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है। जस्टिस शर्मा ने कहा कि भगवान कृष्ण भी गाय के महत्व को बहुत अच्छी तरह जानते थे। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए बनाया गया क्योंकि वह जिंदगी भर ब्रह्मचारी रहता है।

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एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि ‘हमने मोर को राष्ट्रीय पक्षी क्यों घोषित किया। मोर आजीवन ब्रह्मचारी रहता है। इसके जो आंसू आते हैं, मोरने उसे चुग कर गर्भवती होती है। मोर कभी भी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता। मोर पंख को भगवान कृष्ण ने इसलिए लगाया क्योंकि वह ब्रह्मचारी है। साधु संत भी इसलिए मोर पंख का इस्तेमाल करते हैं। मंदिरों में इसलिए मोर पंख लगाया जाता है। ठीक इसी तरह गाय के अंदर भी इतने गुण हैं कि उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।’

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आपको बता दें कि जस्टिस शर्मा द्वार मोर के बारे में बताई गई बात बिल्कुल निराधार। मोरनी मोर के साथ सहवास करके ही गर्भवती होती है। बिना सहवास के मोरनी गर्भवती नहीं हो सकती।

palpalnews.in

edit by pragati sharma

 

Khushboo Akhtar

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