चीन के लोग भारतीयों से ज्यादा मेहनती हैं- दलाई लामा

चीन के लोग भारतीयों से ज्यादा मेहनती हैं- दलाई लामा

मेरठ – बोद्ध धर्मगुरू दलाई लामा ने ऐसा बयान दिया है जिस पर विवाद खड़ा हो सकता है। सोमवार को मेरठ के सीजे डीएवी स्कूल में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे तिब्बत के विस्थापित दलाई लामा ने कहा कि चीन के लोग भारतीय लोगों से ज्यादा मेहनती हैं। दलाई लामा ने ये टिप्पणी एक छात्रा द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए की।

भारतीय मुसलमान सभी धर्म के लोगों के साथ मोहब्बत के साथ रहते हैं: दलाई लामा

शांति के नोबल पुरस्कार विजेता तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से एक छात्रा ने चीन द्वारा लगाये प्रतिबंध के बारे में दलाई लामा सवाल किया तो इस पर बोद्ध धर्म गुरु ने चीन की सरकार को डरी हुई सरकार बताते हुए जवाब दिया कि उन पर लगाया गया प्रतिबंध नैतिक रूप से गलता है।




दलाई लामा ने बताया कि चीन में चीनी कट्टरपंथी तिब्बतियों के खिलाफ प्रोपगेंडा चलाते हैं जिसके कारण चाईनजी को तिब्बतियों से दूर रखा जाता है। उन्होंने बताया कि गुजरे 60 साल में हमारी सच्चाई और हमारी लड़ाई के मकसद को चीन की सरकार ने चाईनीज नागरिकों से छिपाया है। दलाई लामा ने कहा कि  तिब्बत के स्वतंत्र प्रवक्ता होने के नाते में मै कहता हूं कि ये लोग डरे हुए हैं.

‘मुस्लिम आतंकवादी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना गलत : दलाई लामा

जानकारी के लिये बता दें कि साल 1949 में जब चीन ने तिब्बत पर हमला किया था तब तिब्बत की राजनीतिक सत्ता दलाई लामा को सौंप दी गई थी। लेकिन 1959 में ल्हासा सेना ने तिब्बत पर हमला कर दिया, जिसमें तिब्बती राष्ट्रीय आंदोलन कुचल दिया गया। उसी वक्त से भारत में रहकर निर्वासन झेल रहे दलाई लामा यहां रहकर तिब्बत की आजादी के लिये संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में तीन प्रस्ताव पारित करवाये हैं.




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Nadeem Akhtar

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