‘अमेरिका में शर्रियत पे चलने की आज़ादी है लेकिन भारत में क्यों नही?

By / 1 year ago / Islam, Latest Posts, National, News / No Comments
‘अमेरिका में शर्रियत पे चलने की आज़ादी है लेकिन भारत में क्यों नही?





तीन तलाक के मुद्दे पर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सरकार के रवैये पर नारजगी ज़ाहिर की है बोर्ड के सदस्य हजरत मौलाना वली रहमानी ने गुरुवार को कहा- ‘हम यूनिफॉर्म सिविल कोड का बायकॉट करेंगे ये सोच मुल्क को तोड़ने वाली, गैरवाजिब और नामुनासिब है.’

मौलाना वली रहमानी ने अपने बयान में कहा , ‘मोदी ने ढाई साल की नाकामी और असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए लिए ये शगूफा छोड़ा है .हम इसका विरोध करेंगे’ आपको बता दें कि पिछले हफ्ते शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर तीन तलाक और बहु विवाह को खत्म करने के लिए यूनिफॉर्म सिविल लॉ की वकालत की थी.

बोर्ड की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया- ‘भारत की आजादी के आंदोलन में मुस्लिम बराबरी से शरीक हुए लेकिन बंटवारे के बाद उनको हमेशा कमतर आंका गया’

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‘कानून में एक समझौते के तहत मुस्लिम इस देश में रह रहे हैं। कानून हमें हमारे धर्म को मानने की इजाजत देता है’

रहमानी ने कहा- ‘अमेरिका में हर किसी को अपना कानून मानने और पहचान बनाए रखने की इजाजत है, भारत इस मामले में उसे क्यों नहीं फॉलो करता?’

‘यूनिफॉर्म सिविल कोड भारत के लिए सही नहीं है। मोदी सरकार बांटने की रणनीति पर काम कर रही है। देश में कई कल्चर हैं, उनका आदर किया जाना चाहिए’




‘मुसलमान अपने धार्मिक नियम-कायदों से संतुष्ट हैं। यहां तक कि हर कम्युनिटी अपने धार्मिक नियमों के साथ जीवन बिताना चाहती है’

इस बीच, एआईएमआईएम चीफ और बोर्ड के मेंबर असदुद्दीन ओवैसी ने भी कहा है कि, ‘धर्म के मामले में सरकार को दखल नहीं देना चाहिए, यूनिफॉर्म सिविल कोड हिंदुस्तान के लिए अच्छा नहीं है’

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