पैगम्बर का अखलाक ही इस्लाम को फैलाने में मददगार बना

पैगम्बर का अखलाक ही इस्लाम को फैलाने में मददगार बना





आज पैगम्बर मुहम्मद साहब का जन्म दिन है देश विदेश में लोग पैगम्बर मुहम्मद  साहब के जन्म के अवसर पर अपने हिसाब से ज़श्न मना रहे है हालाकि सऊदी अरब समेत कई देशो में पैगम्बर मुहम्मद साहब  के जन्मदिन को मनाने का ना तो कोई रिवाज़ है और मनाया जा रहा है लेकिन दुनिया के अधिकतर देशो में पैगम्बर मुहम्मद साहब का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा है .

जन्मदिन का अवसर अगर हुजुर की बताई बातो और निर्देश जिसको मुस्लिम हदीस के नाम से जानते है को याद करके अमल में लाना सबसे बेहतर तरीका है इस अवसर को मनाने का ,पैगम्बर मुहम्मद ने फरमाया है अगर आप अल्लाह की इबादत इमानदारी से करते है तो आप हर लिहाज़ से सफल होंगे .

नबी का मकसद भी इस्लाम के दृष्टिकोण को दुनिया तक पहुचाना है अगर मुस्लिम इस्लाम पर अमल सही तरीके से करे तो पूरी दुनिया में इस्लाम से हर एक रूबरू हो जाएगा .

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नबी ने बहुत कम समय में ही ईस्लाम को अरब प्रायदीप में फैला दिया  बाद में दुसरे देशो में भी फ़ैल गया .कुछ इतिहास कार इस्लाम के कम समय में मकबूलियत को तलवार के बल पर फैलाने का आरोप मड़ते है लेंकिन ऐसे आरोप हवा हवाई तब तक रहेंगे जब तक ये इतिहासकार अफ्रीका ,उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका में यूरोपियन सेना के द्वारा कब्ज़ा करके इसाई धर्म के फैलने पर कोई राय नही देते है .

इस्लाम के फैलने में अखलाक का बहुत खास स्थान है मिस्र,इंडोनेशिया ,मलेशिया समेत कई देशो में कोई मुस्लिम सेना ने दस्तक नही दी थी कई देशो में मुस्लिम अल्पसंख्यक है जिसमे से ज़्यादातर में  इस्लामिक सेना ने कोई भूमिका नही अदा की थी .




इस्लाम और अखलाक के महत्व को एक वाकीये से समझा जा सकता है पैगम्बर सुबह एक रस्ते से गुज़रा करते थे उसी रस्ते में एक बुज़ुर्ग महिला का घर था वो रोजाना इंतज़ार करती और जब देखती नबी आ रहे है वो कूड़ा उनके ऊपर डाल देती ,पैगम्बर साहब बिना कुछ कहे निकल जाते और इस हरकत से गुस्सा करने वालो को शांत कर देते थे

एक दिन वो महिला ने कूड़ा नही डाला जिसके बाद पैगम्बर ने आसपास के लोगो से पूछा आज महिला दिखाई नही दी ,उनको मालूमात में पता चला महिला बीमार है वो बुज़ुर्ग महिला से हालचाल लेने जाते है बुज़ुर्ग महिला हैरान होकर आश्चर्यचकित हो जाती है और ईस्लाम अपना लेती है .

Khushboo Akhtar

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