परीक्षा इंचार्ज पर दो मुकदमों का आरोप, फिर भी नहीं छोड़ी कुर्सी

परीक्षा इंचार्ज पर दो मुकदमों का आरोप, फिर भी नहीं छोड़ी कुर्सी

भागलपुर (पल पल न्यूज) : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को फर्जी अंक पत्र के सवाल पर निलंबित किया गया।  पिछले साल बी कॉम पार्ट 2 के प्रश्न पत्र लीक का भी आरोप परीक्षा नियंत्रक पर लगा था इस तरह के ढ़ेर सारे गंभीर आरोप परीक्षा नियंत्रक पर लगा था विश्वविद्यालय बचाओ मोर्चा ने परीक्षा नियंत्रक के ऊपर लगे गंभीर आरोप के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। उस दौरान कुलाधिपति को भी पत्र भेजा गया उसके बाद कुलाधिपति के आदेश पर पूर्व कुलपति रामाशंकर दूबे ने तीन सदस्य जांच कमिटी बनाई उसके बाद जांच कमिटी ने जांच शुरू किया लेकिन जांच पूरा होने तक परीक्षा नियंत्रक अपने कुर्सी पर बना रहा है जबकि किसी पदाधिकारी पर इतनी गंभीर आरोप लगने के बाद उसे पूर्व कुलपति को पद पर बनाए रखा।

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नौ महीने बाद कुलाधिपति को विश्वविद्यालय जांच रिपोर्ट सौंपा जिसमें परीक्षा नियंत्रक को दोषी पाया गया वो जांच कमिटी को कोई भी जवाब लिखित में नहीं दिया जबकि जांच कमिटी के द्वारा परीक्षा नियंत्रक पर लगे आरोप का जवाब लिखित में देने को कहा लेकिन वो हमेशा टाल -मटोल करता रहा यहाँ तक कि वो अपने मौखिक बयान में पूर्व प्रति कुलपति अवध किशोर राय पर भी आरोप लगाया था जो वर्तमान में बी एन मंडर मधेपुरा के कुलपति हैं जब उनसे जांच कमिटी के सदस्य लिखित देने को कहा तो वो मुकर गया।

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उसके बाद वर्तमान कुलपति नलिनी कांत झा ने सिर्फ खानापूर्ति करते हुए उसे पद पर से निलंबित कर दिया दो दिन पहले भी बीए पार्ट 3 के एडमिड कार्ड कॉलेज नहीं पहुंचने वो एडमिड कार्ड पर परीक्षा केन्द्र नहीं देने के सवाल पर छात्राओं ने कुलपति के आवास पर जाकर परीक्षा के एक दिन पहले शिकायत भी किया था उसी दिन लॉ कॉलेज के थर्ड सेमेस्टर के छात्राओं ने प्रश्न पत्र लीक का भी सवाल उठाया उसके बाद भी परीक्षा नियंत्रक को बचाने का प्रयास किया जबकि परीक्षा नियंत्रक पर कुलपति को मुकदमा दर्ज करना चाहिए लेकिन उसे सिर्फ निलंबित कर एक तरह से उसे बचाने का ही प्रयास कर रहा है जब छात्र व छात्र संगठन अपने जायज सवाल पर आंदोलन करता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के आवाज को दबाने के बिना कोई देर किये मुकदमा लाद देता है लेकिन परीक्षा नियंत्रक इतनी गंभीर आरोप व जांच कमिटी द्वारा दोषी पाने के वाबजूद मुकदमा करने से पीछे क्यों भाग रहे हैं?

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छात्र व छात्र संगठन के नजर में वर्तमान कुलपति भी संदेह के घेरे में है अगर विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा नियंत्रक पर मुकदमा दर्ज नहीं करेगा तो छात्र संगठन इस सवाल पर आंदोलन तेज करेगा।

satyabha

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