जेएनयू में जब नजीब की नंज्म को इमरान प्रतापगढ़ी ने मां के आगे गाया तो बहे आंसुओं के सैलाब

जेएनयू में जब नजीब की नंज्म को इमरान प्रतापगढ़ी ने मां के आगे गाया तो बहे आंसुओं के सैलाब





इमरान प्रतापगढ़ी ने जब नजीब की ऩज्म को उनकी मां के सामने गाया तो मंजर कुछ यें था

सोमवार को इमरान प्रतापगढ़ी जेएनयू यूनियन के प्रोटेस्ट में पहुंचे जहां नजीब की मां और भाई मुजिब अहमद भी मौजूद थे।

इमरान ने नजीब के लिए ना कि जेएनयू प्रशासन को जमकर सुनाया और बोले कि यें प्रशासन गूंगा बहरा हो गया हैं जो नजीब की मां के दर्द को नहीं सुन पा रहा हैं।

अब या तो नजीब आयेगा, या फिर इंक़लाब आयेगा,ज़िन्दाबाद AMU के साथियों- इमरान प्रतापगढ़ी

इमरान ने साथ ही साथ केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को नजीब के केस में अब तक सुनवाई न होने देने का आरोप लगाया।

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जेएनयू में जब इमरान ने नजीब के ऊपर बनायी गयी ऩज्म को गाना शुरू किया तो नजीब कि मॉं बिलखती हुई इमरान के दामन से लिपट गयी और उसके बाद जेएनयू में बस ऑंसूओं का सैलाब था !

देखे वीडियो-अब आंसूओं से नही आंदोलन से ही वापस लाया जाएगा नजीब को.. इमरान प्रतापगढ़ी

दुआ करिये कि इस मॉं के ऑंसू ज़ाया ना जायें, उस ऩज्म के बाद मॉं के ऑंसुओं का सामना करने की हिम्मत ही नहीं थी !
ख़ुदा नजीब को जल्द से जल्द वापस लाये !

नजीब की मां के दुःख और अहसास को हम अपने शब्दों में बयां नहीं कर सकते ! शब्द ख़त्म हो जाते हैं ! आवाज़ सहम जाती है आँखें नम हो जाती हैं!




कुछ बोलते नहीं बन पड़ता ! न जाने वो अभागन माँ इस दर्द को कैसे सह पा रही है जिसका लायक़ जवान बेटा दो महीने से ज्यादा से गायब है!

इमरान प्रतापगढ़ी की उलेमाओं से अपीलअब किसी और नजीब के खोने का इंतजार मत किजीए एक साथ आगे आइए

इमरान कहते हैं कि अब ज़रुरत है की हम उठ खड़े हों ! बस अब और नहीं ! अपने लिए अपनी नस्लों के लिए अमन पसंद लोग एक साथ आयें और एक माँ की आवाज़ को बुलंद करें!

Nadeem Akhtar

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