नहीं बनेगा यूपी अपराधमुक्त? दंगे और हत्या जैसे दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं CM और डिप्टी CM पर

नहीं बनेगा यूपी अपराधमुक्त? दंगे और हत्या जैसे दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं CM और डिप्टी CM पर





यूपी में ऐतिहासिक जीत के बाद आज भाजपा सरकार बनाने जा रही है। शपथ ग्रहण की लगभग पूरी तैयारियां हो चुकी हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि चुनाव प्रचार के दौरान जिस यूपी को भाजपा लगातार अपराधमुक्त बनाने की बात कह रही थी आज उसी के मुखिया के तौर पर पार्टी ने ऐसे लोगों को चुनाव किया है जिनपर खुद दर्जनों मामले दर्ज हैं।

सबसे पहले यूपी के होने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराधिक इतिहास पर एक नजर डालते है।

विकास के नाम पर योगी ने गोरखपुर में सिर्फ मुस्लिम मोहल्लो के नाम ही बदलवाए है!

योगी पर साल 1999 में राज्य के महाराजगंज जिले में आईपीसी की धारा 147 (दंगे के लिए दंड), 148 (घातक हथियार से दंगे), 295 (किसी समुदाय के पूजा स्थल का अपमान करना), 297 (कब्रिस्तानों पर अतिक्रमण), 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 307 (हत्या का प्रयास) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के मामले दर्ज हुए। हालांकि पुलिस ने इस मामल में क्लोजर रिपोर्ट साल 2000 में ही दे दी थी लेकिन स्थानीय अदालत का फैसला अभी आना बाकी है।

Facebook,Twitter और You Tube पर हमें फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें 

उसके बाद इसी साल महाराजगंज जिला में ही योगी पर धारा 302 (मौत की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया। उन पर 307 (हत्या का प्रयास) 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 427 (पचास रुपये की राशि को नुकसान पहुंचाते हुए शरारत) के तहत मामला दर्ज किया गया। लेकिन पुलिस ने इसकी भी 2000 में ही क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर दी। लेकिन इस मामले पर भी अदालत का फैसला आना बाकी है।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ हमें योगी नहीं मोदी चाहिए, यूपी मांगे मोदी

फिर उसके बाद 1999 में ही महाराजगंज जिला में योगी पर आईपीसी की धारा 147 (दंगे के लिए दंड), 148 (घातक हथियार से दंगे), 149, 307, 336 (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 427 (पचास रुपये की राशि को नुकसान पहुंचाते हुए शरारत) के तहत मामले दर्ज किए गए। एफिडेविट के मुताबिक, इस मामले की भी पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, लेकिन फैसला आना बाकी है।

योगी आदित्यनाथ पर इसके बाद 2006 गोरखपुर में आईपीसी की धारा 147, 148, 133A (उपद्रव को हटाने के लिए सशर्त आदेश), 285 (आग या दहनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही), 297 (कब्रिस्तानों पर अतिक्रमण) के तहत मामला दर्ज किया गया। यहां भी पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी, लेकिन अदालत का फैसला अभी लंबित है।

साल 2006 की घटना के बाद योगी पर उसके एक साल बाद यानी 2007 में एक और मामला दर्ज किया गया। यहां उन्हें धारा 147, 133A, 295, 297, 435 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया।




दूसरी तरफ भाजपा के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर भी कम अपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं। ये रहे अब तक के उनपर लगे  अपराधिक मामलों

‘उत्सव के नाम पर उपद्रव बर्दाश्त नहीं’-योगी आदित्यनाथ

  • धारा 302/120 B थाना कोखराज़, जनपद कौशांबी
  • धारा 153 A/188 थाना कोखराज़. जनपद कौशांबी
  • धारा 147/148/153/153 A/352/188/323/ 504 /506 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
  • धारा 147/295 A/153 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
  • धारा 420/467/465/171/188 थाना मोहम्मदपुर पाईसा, जनपद कौशांबी
  • धारा 147/352/323/504/506/392 थाना मंझनपुर, जनपद कौशांबी
  • धारा 153 A/353/186/504/147/332 थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशांबी
  • धारा147/332/504/332/353/506/380 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
  • धारा 147/148/332/336/186/427 थाना कर्नलगंज, जनपद इलाहाबाद
  • धारा 143/353/341 थाना

Nadeem Akhtar

The author didn't add any Information to his profile yet.