बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति के  खिलाफ विरोध प्रदर्शन 

फिरोज खान की नियुक्ति को यहाँ के कुछ छात्र धर्म का चश्मा लगा कर देख रहे है

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
8 नवंबर 2019 @ 16:18

नई दिल्ली: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान  फैकल्टी के साहित्य विभाग में एक मुस्लिम सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के खिलाफ विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है.समाचार है कि बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के साहित्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर फिरोज खान की नियुक्ति को यहाँ के कुछ छात्र धर्म का चश्मा लगा कर देख रहे है तथा विरोध का सिलसिला शुरू हो गया है.
विभाग के शोध छात्रों और अन्य छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति के निवास के पास जमा होलकर भवन में धरना देना शुरू कर दिया. छात्रों ने संगीत वाद्ययंत्रों को बजा कर अपनी मांगों की ओर उनका ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की. विश्वविद्यालय के छात्र 'गैर-हिंदू' प्रोफेसर की नियुक्ति को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.यह दुखद समाचार आईएएनएस सवाद एजेंसी द्वारा चलाई गई है जिस के हवाले से आन लाइन  उर्दू वेबसाईट कौमी आवाज़ डाट काम ने जारी की है .
इधर अंग्रेजी समाचारपत्र The Hindu की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए बीएचयू ने कहा कि उन्होंने वाइस चांसलर की अध्यक्षता में एक पारदर्शी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के जरिए सर्वाधिक योग्य उम्मीदवार को सर्वसम्मति से नियुक्त किया है. विश्वविद्यालय ने कहा कि इस संस्थान की स्थापना धर्म, जाति, संप्रदाय और लिंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के राष्ट्रनिर्माण के उद्देश्य से सभी को समान अवसर दिए जाने से की गई थी.
हालांकि  बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि, "उम्मीदवार की नियुक्ति यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) के नियमों और BHU के अधिनियमों के तहत पारदर्शी तरीके से हुआ है."
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति राकेश भटनागर को लिखे पत्र में प्रदर्शनकारियों ने यह दावा किया है कि विश्वविद्यालय के संस्थापक व दिवंगत पंडित मदन मोहन मालवीय ने SVDV फैकल्टी को विश्वविद्यालय के दिल का दर्जा दिया था. पत्र में कहा गया है कि, "फैकल्टी की स्टोन प्लेट में यह भी लिखा गया है कि यह संस्था सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक तर्क-वितर्क और सनातन हिंदुओं और उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शाखाओं जैसे आर्य समाज, बौद्ध, जैन, सिख आदि के विचार-विमर्श के लिए भी है."
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन सभी तथ्यों को जानने के बावजूद साजिशन एक 'गैर-हिंदू' को नियुक्त किया गया है.बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रवक्ता राजेश सिंह ने कहा, "यह नियुक्ति SVDV के फैकल्टी के 'साहित्य' विभाग में एक साक्षात्कार के बाद ही की गई है. विश्वविद्यालय ने UGC के नियमों और BHU अधिनियम के तहत ही नियुक्ति की है, ऐसे में जात-पात के आधार पर भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है. नियुक्ति पूरी पारदर्शिता के साथ सिर्फ और सिर्फ उम्मीदवार की पात्रता के आधार पर की गई है." वहीं उन्होंने नियुक्ति को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से मना कर दिया.

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