आतंकवाद के इल्जाम में फंसाये गए 6 मुस्लिम युवक निर्दोष पाए जाने पर 23 साल बाद हुए रिहा

आतंकवाद के इल्जाम में फंसाये गए 6 मुस्लिम युवा 23 साल बाद रिहा, कोर्ट ने कहा निर्दोष है।

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
2 जुलाई 2020 @ 11:49
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कश्मीर

1996 में राजस्थान में हुए समलेटी विस्फोट मामले के छह आरोपियों रईस बेग, जावेद ख़ान, लतीफ़ अहमद वाज़ा, मोहम्मद अली भट, मिर्ज़ा निसार हुसैन और अब्दुल गनी को 23 साल बाद बरी कर दिया गया है। बता दें इन सभी को कभी ज़मानत नहीं दी गई। और इनमें से 5 लोग कश्मीर के और रईस बेग आगरा से हैं।

बीते 22 जुलाई को राजस्थान हाई कोर्ट ने 23 साल पुराने समलेटी बम विस्फोट मामले के छह आरोपियों को बरी कर दिया है और मोहम्मद अली भट इन्हीं आरोपियों में से एक हैं, बता दें कि वर्ष 1996 में राजस्थान के दौसा जिले के समलेटी क्षेत्र में हुए इस विस्फोट में 14 लोगों की मौत हो गई थी।

राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बीते 22 जुलाई को रईस बेग (56), जावेद खान, लतीफ अहमद वाजा (42), मोहम्मद अली भट (48), मिर्जा निसार हुसैन (39) और अब्दुल गनी (57) को बरी कर दिया।


वहीं, इस मामले में हाईकोर्ट ने डॉ. अब्दुल हमीद को सुनाई गई मौत की सजा और पप्पू उर्फ सलीम को मिली उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।

मामले में बरी हुए लोगों के वकील शाहिद हुसैन ने बताया कि खंडपीठ ने दिए गए निर्णय में माना कि अभियोजन पक्ष सभी छह लोगों के खिलाफ आरोप सिद्ध करने में नाकाम रहा। बरी किए गए लोगों में से रईस बेग आगरा का रहने वाला है जबकि पांच अन्य लोग जम्मू कश्मीर से संबंध रखते हैं।

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