अयोध्या भूमि पूजा को लेकर आया PFI का बयान, कहा: धार्मिक ध्रुवीकरण की संघ परिवार की कोशिश को शिकस्त दो

अयोध्या भूमि पूजा के नाम पर धार्मिक ध्रुवीकरण की संघ परिवार की कोशिश को शिकस्त दो: पॉपुलर फ्रंट

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
4 अगस्त 2020 @ 22:24
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PFI

 

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के चेयरमैन ओ एम ए सलाम ने आज अपने एक बयान में लोगों से अपील की है कि वे भूमि पूजा के नाम पर देश को एक बार फिर धार्मिक बुनियादों पर बांटने की संघ परिवार की कोशिश को शिकस्त दें।

संविधान के अनुसार, लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर आई सरकार को सभी नागरिकों के साथ समान बर्ताव करना चाहिए और उसे देश के अंदर धार्मिक, सांस्कृतिक या किसी और प्रकार के विवाद में किसी की तरफदारी नहीं करनी चाहिए। शहीद बाबरी मस्जिद के ऊपर 5 अगस्त को होने वाली अयोध्या भूमि पूजा हर तरह से एक गलत राजनीतिक रुख रखने वाला धार्मिक कार्यक्रम है। लेकिन इसे मौजूदा सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है और प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाले हैं। यह न केवल उनके पद के शपथ का खुला उल्लंघन है, बल्कि देश पर लगे घाव पर नमक छिड़कने वाला और देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय को अलग-थलग करने वाला अमल है। इस तरह एक बार फिर मोदी सरकार ने अपने असल रंग का प्रदर्शन किया है।

भूमि पूजा उस जगह पर होने जा रही है जहां मौजूद मुसलमानों की सदियों पुरानी इबादतगाह को हिंदुत्व कट्टरपंथियों ने ध्वस्त कर दिया था। इस घिनौनी हरकत में शामिल अपराधियों को आज तक इंसाफ के कटघरे में नहीं लाया गया। आज एक लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर आया प्रधानमंत्री विध्वंस कार्यवाही का नेतृत्व करने वाले अपराधियों के साथ उसी जगह पर मंदिर निर्माण में भाग ले रहा है। देश के बाहर पूरी दुनिया को मोदी और आरएसएस एक प्रगतिशील और सबको लेकर चलने वाली सरकार का मुखौटा दिखाते हैं। लेकिन देश के अंदर अल्पसंख्यकों और कमज़ोर वर्गों के प्रति धार्मिक नफरत और हिंसा की राजनीति पर अमल करते हैं।

लंबे-लंबे वादे करके सत्ता तक पहुंचने वाली मोदी सरकार ने हर मोर्चे पर ऐतिहासिक असफलता पाई है। देश की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है। एक तरफ जहां कोविड-19 से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश हालात पर काबू पा रहे हैं, वही भारत कोरोनावायरस‌ के सबसे ज़्यादा मामले वाला देश बनता जा रहा है। देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और अत्यंत धार्मिक दुश्मनी के माहौल को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि देश की जनता का ध्यान उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और आर्थिक एवं विकास संबंधित समस्याओं पर प्रभावित होने वाले मौलिक कारकों से बटा रहे। दुर्भाग्य से सेक्युलर विपक्षी पार्टियां भी परिस्थिति को समझ पाने में नाकाम रहीं और उन्होंने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भुला दिया। उनमें से कुछ तो खुद को बीजेपी का 'बेहतर वर्ज़न' साबित करने में प्रयासरत हैं। कुछ कांग्रेसी नेताओं ने भूमि पूजा में शामिल होने का निमंत्रण न मिलने पर निराशा भी जताई है। मध्य प्रदेश के कांग्रेसी नेता एक कदम आगे बढ़कर संघ परिवार के साथ इस अवसर का जश्न मना रहे हैं, जिससे कांग्रेस पार्टी के कई कद्दावर नेताओं का असल चेहरा सामने आ रहा है। अगर देश की सेक्युलर ताकतें जागरूक नहीं हुईं और कुछ नहीं किया, तो सबके लिए भविष्य भयंकर और दुखद होने वाला है। पॉपुलर फ्रंट के चेयरमैन ओ एम ए सलाम ने सभी नागरिकों और सभी धर्मों के सच्चे अनुयायियों से अपील की है कि वे संघ परिवार द्वारा बढ़ावा दी जा रही सांप्रदायिक नफरत के जाल में न फंसे और देश को एक बार फिर बांटने की उनकी कोशिश को शिकस्त दें।

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