शायर शहजादा कलीम का AIMIM के नौजवानों को खुला खत

नौजवानों अगर तुम समझदारी से काम नहीं लिये तो बहुत जल्द सियासी अछूत बना दिये जाओगे.!

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
14 जून 2021 @ 15:35
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Kaleem Pal Pal News

आज मैं अपने AIMIM के उन नौजवान भाइयों से गुफ़्तगू करना चाहता हूँ, जो AIMIM की मुहब्बत में इतने पागल होचुके हैं कि अपने अन्दर सियासत की समझ ही नहीं पैदा करना चाहते....और अपने ही अज़ीज़म भाइयों को हर दिन कोसने, उन्हें ग़ालियाँ देने, उन्हें जुम्मन और दरी बिछाने वाला कहने की होड़ में बिना सोचे समझे कूद पड़े हैं.!

होसके तो मेरे इस मज़मून को ख़ूब ग़ौर से पढ़ना और ठंडे दिमाग़ से सोचना, शायद मेरी बात आप सबकी समझ में आजाये.!

नौजवानों इस देश का कोई भी मुसलमान असद उद्दीन से नफ़रत नहीं करता, उनकी हाज़िर जवाबी और क़ौम के लिये उनकी जद्दोजहद का हर इंसान क़ायल है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि दूसरी पार्टियों से सियासत करने वाले मुसलमान दलाल और दरी बिछाने वाले हैं.!

कौन नहीं चाहता कि अपनी पार्टी और अपनी क़यादत मज़बूत हो, ये हर हिंदुस्तानी मुसलमान का ख़्वाब है, बस फ़र्क़ इतना है कि कुछ इसका खुलकर इज़हार करदेते हैं और कुछ अपने दिल में रखते हैं.!

कांग्रेस, सपा, बसपा से सियासत करने वाले मुसलमान तुम्हारी निगाहों में इस्लाम से ही ख़ारिज होगये हैं.....क्या ऐसे अपनी क़यादत मज़बूत और खड़ी करोगे.? क़यादत खड़ी करना तो दूर इसतरह तो आपकी सियासत और क़यादत पैदा होने के पहले ही दफ़्न होजायेगी.!

उत्तर प्रदेश विधान सभा में कुल 403 सीटें हैं....कितनी सीटों पर AIMIM अपने प्रत्याशी उतारेगी..? ज़्यादा से ज़्यादा 30, 35, 50 या राजभर और दूसरों से गठबंधन हुआ तो हद से हद 100 सीटें.! बाक़ी 303 सीटों पर क्या करोगे.? वोट नहीं दोगे या सबको मना करदोगे कि किसी भी पार्टी को वोट मत दो.!

2019 लोकसभा इलेक्शन में समाजवादी पार्टी का प्रचारक होने के बाद भी 2020 वल्दिया इलेक्शन हैदराबाद में मैं ख़ुद AIMIM का सपोर्ट और प्रचार करने गया था और 40 से ज़्यादा जनसभायें असद उद्दीन साहब के लिये की थीं.! न मुझे ख़रीदने की क़ुव्वत सपा में है और न ही AIMIM में क्योंकि मेरी ख्वाहिशें बहुत महदूद हैं... ख़ुश हूँ अपने झोंपड़े और टूटी कार में......न महल की ख़्वाहिश है और न लक्ज़री गाड़ियों की.!

पैसों के लिये मैं न बिका हूँ और न इंशा अल्लाह कभी बिकूँगा.! और मैं आपसे वायदा करता हूँ आप लोग AIMIM को पूरी 403 सीटों पर लड़ाइये मैं ख़ुद पूरे प्रदेश में AIMIM का प्रचार करूँगा.! वायदा आप सबसे..! है हिम्मत किसी में.? नहीं मेरे भाई मुमकिन ही नहीं है ये.!

आपको पता होना चाहिये कि जिस तेलंगाना प्रदेश हैदराबाद के असद उद्दीन ओवैसी हैं वहाँ विधान सभा में कुल 119 सीटें हैं, और वहाँ भी पिछले विधान सभा चुनाव में AIMIM सिर्फ़ 8 सीटों पर चुनाव लड़ी थी.! मेरे भाइयों चुनाव और पार्टी का एक सिस्टम होता है, वोट प्रतिशत और जीत का एक आंकड़ा होता है, जिसके बिना पर कोई पार्टी अपने प्रत्याशी उतारती है.!

उत्तर प्रदेश का आंकड़ा इन सबसे बहुत अलग है.! AIMIM या किसी भी पार्टी को अपने प्रत्याशी जिताने के लिये जज़्बात नहीं वोट की ज़रूरत होती है.!

बक़ौल आपके सपा के कार्यकाल में मुज़फ़्फ़र नगर दंगा हुआ और आख़िलेश ने आज़म ख़ान के लिये आवाज़ नहीं उठाई तो सपा को आपने अछूत बता दिया, उसके ख़िलाफ़ आपने फ़तवा दे दिया.! कांग्रेस के कार्यकाल में आज़ादी के बाद से आजतक कुल 2500 से ज़्यादा छोटे बड़े दंगे हुये, हाशिमपुरा, मलियाना, भागलपुर, मुरादाबाद के दंगों में लोगों को भेंड़-बकरियों की तरह काटा गया, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैय्यबा, जैश-ए-मुहम्मद और सिमी के नाम पर लाखों मुस्लिम नौजवानों को फ़र्ज़ी आतंकवाद के केस में फँसाकर उनकी ज़िंदगियाँ बर्बाद कर दीगयीं..! मौजूदा सरकार में लिंचिंग और गाय के नाम पर सैकड़ों बेक़सूरों को मार दिया गया.! हम क्या किये.? देश छोड़ दिये..? नहीं न.? बल्कि हमने 2019 लोकसभा इलेक्शन में पूरे देश में कांग्रेस और दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों को वोट दिया न.? न देते वोट किसी दूसरी पार्टी को, पूरे देश में AIMIM को लड़ाते और सिर्फ़ अपनी क़यादत मज़बूत करते.....क्यूँ नहीं किया.? क्योंकि ये मुमकिन ही नहीं है.!

अगर आख़िलेश यादव मुज़फ़्फ़रनगर और मुसलमानों के क़ुसूरवार थे तो असद उद्दीन ओवैसी इस तस्वीर के प्रोग्राम में क्यूँ आख़िलेश यादव से हाथ मिलाये..? जब आख़िलेश ने असद उद्दीन की तरफ़ हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया तब असद उद्दीन को अपना हाथ खींच लेना चाहिए था..क्यूँ मिलाये आख़िलेश से हाथ.! इसलिए क्योंकि सब सियासत कर रहे हैं कोई अबूबकर_सिद्दीक़ (रज़ि.) और उमर_फ़ारूक़ (रज़ि.) के ख़ानदान से नहीं है .! और दिन्दुस्तान की सियासत की यही हिकमत अमली और हमारा अख़लाक़ी फ़रीज़ा है.!

आरएसएस और तुम्हें मिटाने वाली पार्टियाँ तो इसी फ़िराक़ में बैठी हैं कि तुम ग़लती करो ! ताज़ा मिसाल पिछले दिनों अलीगढ़ का मुसलमान और दलितों का मस्जिद के सामने DJ बजाने को लेकर माहौल ख़राब होने का हादसा है, जिसमे AIMIM के ही जज़्बाती नेता नाज़िम अली के बयानों से माहौल ख़राब होते होते बचा, बाद में ख़ुद AIMIM के ज़िम्मेदार नेताओं ने नाज़िम अली के बयान पर ऐतराज़ जताया और खंडन किया.!

अगर वाक़ई अपनी क़यादत मज़बूत करना चाहते हो तो जो जहाँ जिस पार्टी में है उसे आगे बढ़ाओ, उसका सपोर्ट करो और उसे जिताओ, ज़्यादा से ज़्यादा अपने लोगों को विधान सभा और लोकसभा तक पहुंचाओ.! और ये तभी मुमकिन है जब दूसरी क़ौमें और सेकुलर ज़हनियत के लोग तुम्हारे साथ होंगे.!

चलिए मैं तुम्हारा वोट प्रतिशत 25% से भी ज़्यादा मानता हूँ... फ़िर भी तुम्हें विधायक और सांसद बनने के लिये दूसरी क़ौमों का भी वोट चाहिये.! दूसरी क़ौमों की पार्टियाँ 7% और 5% होके भी इसलिये विधानसभा और संसद में हैं क्योंकि उन्होंने दूसरी क़ौमों को भी अपने साथ जोड़ा.!

यही तुम्हें करना होगा........

तुम्हें भी दूसरी क़ौमों का दिल जीतना होगा, उनके सुख दुख में उनके साथ खड़ा होना होगा, उनको भी टिकट देकर उन्हें बताना होगा कि ये पार्टी हर मज़लूम और दबे कुचलों की आवाज़ उठाने वाली पार्टी है.! और हाँ दूसरी पार्टियों को भी AIMIM को भाजपा की B-टीम का राग अलापना बन्द करना होगा.! कोई B टीम नहीं है सबको संविधान ने हक़ दिया है चुनाव लड़ने और अपनी क़ौम के लिये आवाज़ उठाने का.!

अगर सियासी हिस्सेदारी चाहते हो तो आज से ये जुम्मन और मिम्मन का खेल छोड़ो, AIMIM के साथ साथ जहाँ जो जिस पार्टी में है उसका सपोर्ट करो और अपने आसपास और बाक़ी देश के हर कोने में जहाँ भी सेक्युलर ज़हनियत की पार्टियाँ और लोग हों उनका सपोर्ट करो, विधान सभा और लोकसभा तक पहुँचाकर ख़ुद को मज़बूत करो.! और अगर तुम सिर्फ़ AIMIM का राग अलापते रहे और दूसरों को ग़ालियाँ देते रहे तो याद रखना...25% से ज़्यादा वोट प्रतिशत होने के बाद भी तुम सियासी अछूत बना दिये जाओगे.!

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