मोहन भागवत जी आतंकवाद की जड़ RSS हेडक्वाटर में हैं जिसकी मार मुसलमानों पर पड़ती है

अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका की हार से आरएसएस और मोदी को सबक़ लेना चाहिए

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13 सितम्बर 2021 @ 11:31
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एक सदी से भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ कार्यक्रम लगातार चल रहा है, होना तो ये चाहिए था कि 1947 में देश के बटवारे के बाद बाद राष्ट्रीय स्वम सेवक संघ को अंग्रेज़ों के साथ वफादारी करने, देश के क्रांतकारियों की मुखबरी करने, देश के ख़िलाफ़ देशद्रोही काम करने के लिए देश की जनता से, देश से माफ़ी मांगना चाहिए थी, मगर ऐसा उसने ऐसा नहीं किया।

आज़ाद देश की सरकार को इस संगठन पर शुरू ही में प्रतिबन्ध लगाना चाहिए था, मगर ऐसा नहीं किया गया, राष्ट्रीय स्वम सेवक संघ पर जो मेहरबानियां हर हुकूमत के वक़्त में होती रहीं उसकी वजह आरएसएस का मुस्लिम विरोधी एजेंडा है।

कांग्रेस पार्टी ने भी आरएसएस को फलने-फूलने का पूरा मौक़ा दिया, इन्हें इनकी मर्ज़ी के मुताबिक एंटी मुस्लिम एजेंडे पर काम करने के रास्ते पर चलने दिया।

कांग्रेस को शायद मुसलमानों को लेकर ये अहम ख़तरा था कि कहीं मुस्लमान भारत की हुकूमत को पाने के लिए एक जुट होकर खड़े न हो जायें, कांग्रेस आरएसएस के ज़रिये मुसलमानों को लगाम लगा कर रखना चाहती थी

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