हिंदुत्व देश को जोड़ने वाली विचारधारा है: मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि वीर सावरकर और संघ को बदनाम करने की साजिश देश में हो रही है कुछ दिनों में स्वामी विवेकानंद को भी बदनाम किया जायेगा

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13 अक्टूबर 2021 @ 11:56
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नई दिल्ली:आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुत्व देश को जोड़ने वाली विचारधारा है और इसी को धर्म कहते हैं। जिन लोगों को एकजुट देश पसंद नहीं है वे इसे पूजा पद्धति के आधार पर विभाजित करते हैं जबकि हिंदुत्व का अर्थ है एकजुटता। वीर सावरकर इसी को हिंदुत्व कहते थे। 
खबरों के अनुसार मोहन भागवत ने कहा कि आजादी के बाद से देश में वीर सावरकर को बदनाम करने की साजिश चल रही है। वीर सावरकर पर आधारित एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज देश में लोगों को वीर सावरकर के बारे में बहुत कम जानकारी है। 
वीर सावरकर और संघ को बदनाम करने की साजिश देश में हो रही है, कुछ दिनों में स्वामी विवेकानंद को भी बदनाम किया जायेगा। संभव है उसके बाद स्वामी दयानंद और स्वामी अरविंद का नंबर आये। 
आज वीर सावरकर का हिंदुत्व, स्वामी विवेकानंद का हिंदुत्व ऐसा बोलने का फैशन हो गया है, जबकि सच्चाई यह है कि हिंदुत्व एक है और आज नहीं जन्मा यह पहले से है। आज जितना जोर से इन बातों को कहा जा रहा है अगर जोर से आजादी के वक्त बोलते तो देश का विभाजन नहीं होता। जो यह कहते हैं कि 2014 के बाद वीर सावरकर का युग आ गया है, वे सही कह रहे हैं। आज देश में सबको भागीदारी मिल रही है हम एकजुट हो रहे हैं और यही हिंदुत्व है। 
मोहन भागवत ने कहा विचार मानवता का ही है। मानवता के विचार को ही भारतीय परंपरा की भाषा में धर्म कहा जाता है। पूजा अलग-अलग हैं। भारतीय भाषा की परंपरा के अर्थ में धर्म का अर्थ वह नहीं है। जोड़ने वाला, ऊपर उठाने वाला, बिखरने ना देने वाला, यह लोक और परलोक में सुख देने वाला, प्रथम, मध्य और अंत तीनों जगह आनंदमय और प्रत्येक के स्वभाव को ध्यान में रखते हुए उसके कर्तव्य का निर्धारणकरण देने वाला शाश्वत तत्व धर्म है।
भागवत ने आगे कहा कि आजादी के बाद से ही वीर सावरकर को बदनाम करने की मुहिम चलाई जा रही है। लेकिन अब इस पुस्तक से लोगों में ये भ्रम टूट जाएगा। इसके बाद स्वामी विवेकानंद, स्वामी दयानंद सरस्वती और योगी अरविंद का नंबर है, क्योंकि वीर सावरकर की ही तरह इनके बारे में भी गलत जानकारियां फैली हैं। वीर सावरकर जो भी थे, इन्हीं तीनों के विचारों से प्रभावित थे। 

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