भारत आज आर्थिक क्षेत्र में बड़े सपने देखने की स्थिति में : मोदी

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में माल भेजने की लागत कम करने, रेलवे की ढुलाई क्षमता बढ़ाना, बंदरगाहों पर जहाजों के सामान चढ़ाने उतारने में लगने वाले समय को कम करना है।

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13 अक्टूबर 2021 @ 15:04
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उन्होंने कहा कि इनकी सरकार देश में बुनियादी ढांचे की विस्तार पर तेजी से और ऊंचे लक्ष्यों के साथ काम कर रही है और ‘भारत अब विश्व में विनिर्माण उद्योगों के बड़े केंद्र का सपना देख सकता है।’
श्री मोदी ने राजधानी में प्रगति मैदान में गतिशक्ति योजना का उद्घाटन करते हुये कहा, 'आज देश में दशकों से अधूरी पड़ी योजना पूरी हो रही है और हमने साबित किया है कि तेज गति से काम कर सकते हैं।' उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले दो-तीन साल के अंदर में ही लॉजिस्टिक्स लागत कम करना, रेलवे की ढुलाई क्षमता बढ़ाना और बंदरगाहों पर टर्न एराउंड (जहाजों का माल चढ़ाने उतारने) समय में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि देश में इस समय 200 से ज्यादा हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट, वाटर-ड्रोम बनाने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भारत में प्लग एंड प्ले औद्योगिक प्रणाली बनाने में लगी हुयी है जिसमें कोई भी विनिर्माता आते ही मशीन रखकर उत्पादन शुरु कर सकता है। दिल्ली के पास दादरी में इसी तरह की एक औद्योगिक टॉउनशिप पर काम चल रहा है जिससे पूर्वी और पश्चिमी रेल गिलयारे से जोड़ा जायेगा और वहां रैपिड रेल और रोड सुविधाओं का संपर्क होगा।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के टॉउनशिप स्थापित कर दुनिया में विनिर्माण के शक्ति बनने का सपना देख सकता है। उन्होंने बुनियादी परियोजनाओं के कार्यान्वयन में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल के लिए शुरु की गयी गति शक्ति योजना, जनधन खातों, आधार कार्ड और मोबाईल फोन से आम जन तक सेवाओं को पहुंचाने का जिक्र करते हुये कहा कि सरकार भारत में विकास के अगले 25 का आधार तैयार करने में लगी हुयी है। श्री मोदी ने कहा कि भारत में उनकी सरकार के आने के समय दो मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क थे आज यहां ऐसे 19 पार्क काम कर रहे हैं। उनकी सरकार देश में गैस पाईपलाइन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। विनिर्माण कलस्टर की संख्या 5 से बढ़ाकर 15 कर दी गयी है। सरकार के अनुसार  पीएम गतिशक्ति प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं हेतु समस्‍त पक्षों के लिए समग्र  योजना को संस्थागत रूप देकर पिछले सभी मुद्दों को सुलझाएगी। एक-दूसरे से  अलग-थलग रहकर योजना बनाने और डिजाइन तैयार करने के बजाय परियोजनाओं को एक  साझा नजरिए से तैयार और कार्यान्वित किया जाएगा। इसमें विभिन्न मंत्रालयों  और राज्य सरकारों की अवसंरचना योजनाओं जैसे कि भारतमाला, सागरमाला,  अंतर्देशीय जलमार्गों, शुष्क/भूमि बंदरगाहों, उड़ान, इत्‍यादि को शामिल  किया जाएगा।
कनेक्टिविटी  बेहतर करने एवं भारतीय व्यवसायों को और भी अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए  टेक्सटाइल क्लस्टर, फार्मास्युटिकल क्लस्टर, रक्षा कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक  पार्क, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, फिशिंग क्लस्टर, एग्री जोन जैसे आर्थिक  क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। इसमें विभिन्‍न प्रौद्योगिकियों का भी  व्‍यापक उपयोग किया जाएगा जिनमें बीआईएसएजी-एन (भास्कराचार्य राष्ट्रीय  अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना संस्थान) द्वारा विकसित इसरो इमेजरी युक्‍त  स्थानिक नियोजन उपकरण भी शामिल होंगे।

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