प्रियंका गांधी के सलाहकार हरेंद्र मलिक ने काँग्रेस छोड़ी 

बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक अपने बेटे पंकज मलिक के साथ जल्द ही समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं

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19 अक्टूबर 2021 @ 23:53
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harender malik

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।  पार्टी महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी के सलाहकार और पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक ने भी कांग्रेस से छोड़ दी है।  पंकज मलिक पूर्व विधायक हैं। वे हरेंद्र मलिक के बेटे हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक अपने बेटे पंकज मलिक के साथ जल्द ही समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।  हरेंद्र मलिक को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कद्दावर नेता माना जाता है।  उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को कांग्रेस छोड़ने की जानकारी दी। 
हरेंद्र मलिक ने बताया, मैं कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में काम कर रहा था।  आज विषम परिस्थितियों और अपरिहार्य कारणों से मैंने पार्टी की सदस्यता, चुनाव समिति के सदस्य और प्रियंका गांधी के सलाहकार पद से अपना त्यागपत्र पार्टी अध्यक्षा के पास भेजा है।  उनसे अनुरोध किया है कि इन जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुझे मुक्त करें। 
कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ़ा देने के बाद हरेन्द्र मलिक ने प्रियंका गांधी के करीबी लोगों पर पार्टी को हाईजैक करने का आरोप लगाया।  प्रियंका को 17 अक्टूबर से सहारनपुर से प्रतिज्ञा यात्रा शुरू करनी थी।  लेकिन इलाक़े के कांग्रेस नेताओं के समर्थन न मिलने से ये कार्यक्रम शुरू नहीं हो पाया।  इस बात की भी बड़ी चर्चा है कि सहारनपुर के रहने वाले कांग्रेस नेता इमरान मसूद भी पार्टी छोड़ सकते हैं।  वे कई बार कह चुके हैं कि सिर्फ़ समाजवादी पार्टी ही यूपी में बीजेपी को हरा सकती है।  हरेन्द्र और पंकज मलिक का कांग्रेस से निकल जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरेन्द्र मलिक ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरूआत चौधरी अजीत सिंह के साथ की थी।  तब वे जनता दल में थे।  मलिक 1989 मैं जनता दल के टिकट पर खतौनी से पहली बार विधायक बने।  इसके बाद लोकदल से वे मुज़फ़्फ़रनगर की बघरा सीट से एमएलए चुने गए।  इसके बाद वे समाजवादी पार्टी चले गए।  यहां से होते हुए वे इंडियन नेशनल लोकदल से हरियाणा से राज्य सभा के सांसद बने।  फिर वे कांग्रेस चले गए।  पिछला लोकसभा चुनाव कैराना से लड़े लेकिन हार गए।  उनके बेटे पंकज मलिक दो बार विधायक रह चुके हैं। हरेन्द्र मलिक ने अपना इस्तीफ़ा सोनिया गांधी को और पंकज ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को भेज दिया है। हाल के दिनों में कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं।  कहा जा रहा है कि प्रियंका की टीम के लोग के व्यवहार से कांग्रेस के कई नेता नाराज़ चल रहे हैं। 
बता दें, इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद राजाराम पाल भी 'हाथ' का साथ छोड़ 'साइकिल' पर सवार हो गए थे।  राजाराम पाल बिल्हौर विधानसभा से विधायक और अकबरपुर लोकसभा से सांसद रहे हैं।  वे 2004 और 2009 में सांसद रहे।  उन्होंने अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा की शुरुआत की पूर्व संध्या पर 11 अक्टूबर को सपा का दामन थामा। 
उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई साख को हासिल करने में जुटी कांग्रेस को बुंदेलखंड में भी तगड़ा झटका लग चुका है।  हमीरपुर के राठ से विधायक रहे गयादीन अनुरागी, जालौन के उरई से विधायक रहे विनोद चतुर्वेदी और महोबा के दिग्गज कांग्रेस नेता मनोज तिवारी कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हो गए हैं। 

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