अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल

यह याचिका जमीयत उलेमा-ए-हिंद के यूपी जनरल सेक्रटरी मौलाना अशहद रशीदी की ओर से दायर की गई है

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
2 दिसंबर 2019 @ 16:24

नई दिल्ल: अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आज जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी. ईस खबर की पुष्टि करते हुए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी  ने बताया कि अयोध्या भूमि विवाद को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है. ध्यान रहे कि ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी धोषणा की हुई है कि इस फैसले के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दाखिल किया जाएगा.

पहले ऐसी खबर थी कि बाबरी विवाद की बरसी के दिन यानी  6 दिसंबर को जमीयत उलेमा-ए-हिंद सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या मामले में फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करेगा. जमीयत की ओर से दाखिल पुनर्विचार याचिका में फैसले में मौजूद अंतर्विरोधों को आधार बनाया गया है. रिव्यू  की कॉपी के अनुसार कोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए मस्जिद ढहाने का जिक्र याचिका में किया गया है. याचिका में कहा गया, 'माननीय अदालत ने अपने फैसले में मस्जिद ढहाए जाने को दोषपूर्ण कृत्य करार दिया था. इसके बावजूद फैसला पूरी तरह से हिंदू पक्षकारों की ओर गया है.'

आप को बता दें कि यह याचिका जमीयत उलेमा-ए-हिंद के यूपी जनरल सेक्रटरी मौलाना अशहद रशीदी की ओर से दायर की गई है, जो कि अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष के 10 याचिकाकर्ताओं में से एक हैं. 3 सप्ताह पहले ही सर्वोच्च अदालत से अयोध्या विवाद पर फैसला आया है. फैसले के बाद कुछ मुस्लिम संस्थाओं की ओर से अपील नहीं करने की बात कही गई थी, लेकिन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अपने फैसले में रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का निर्णय लिया था,जिसे आज अमली रूप दे दिया गया.

याद रहे कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का ऐलान किया था. बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि  'अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए दिसंबर के पहले हफ्ते में हम बाबरी मस्जिद केस में रिव्यू पिटिशन दाखिल करने जा रहे हैं. सुन्नी वक्फ बोर्ड के अर्जी न दाखिल करने के फैसले का कानूनी तौर पर कोई असर नहीं पड़ेगा.'

इधर दूसरी ओर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने आज कहा कि हम आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष (अयोध्या मामले में) रिव्यू पिटीशन दायर नहीं करेंगे. हमने रिव्यू पिटीशन तैयार कर ली है और हम इसे 9 दिसंबर से पहले किसी भी दिन फाइल कर सकते हैं.

इसी बीच यह भी खबर है कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के पुनर्विचार याचिका दायर करने के फैसले को आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने दोहरा मानदंडकरार दिया. उन्होंने कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों को आगे बढ़ना चाहिए और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मध्यस्थता समिति के सदस्य रहे आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि मामला काफी पहले सुलझा लिया गया होता, अगर एक पक्ष विवादित जगह पर मस्जिद बनाने पर न अड़ा रहता. भारत में मौजूदा आर्थिक संकट के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिये काफी कुछ किए जाने की जरूरत है.

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