सरकार ने मांगे पांच नाम, संयुक्त किसान मोर्चा की पुष्टि

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "भारत सरकार की ओर से पंजाब किसान संगठन के नेता को फ़ोन आया था, वे एक समिति के लिए पांच नाम मांग रहे थे। लेकिन हमें इस बारे में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है और ना ही समिति के बारे में कोई विवरण उपलब्ध है, सलिए इस पर टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी।"

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30 नवंबर 2021 @ 23:31
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार अब किसान आंदोलन को पूरी तरह खत्म कराने के लिए सक्रिय हो गई है। लोकसभा और राज्यसभा में तीन कृषि सुधार कानून वापस लेने के बावजूद धरनास्थलों पर बैठे किसान संगठनों की एमएसपी कानून की मांग पर भी कार्रवाई शुरू हो गई है।
इसके लिए केंद्र सरकार ने एमएसपी कमेटी बनाने का फैसला किया है। साथ ही इस कमेटी में शामिल होने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से 5 किसान नेताओं के नाम मांगे हैं। किसान नेता मनजीत सिंह राय ने कहा कि कल कमेटी में शामिल होने वालों के नामों की लिस्ट जारी की जा सकती है।
इस खबर की पुष्टि संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी करते हुए की है। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "भारत सरकार की ओर से पंजाब किसान संगठन के नेता को फ़ोन आया था, वे एक समिति के लिए पांच नाम मांग रहे थे। लेकिन हमें इस बारे में कोई लिखित सूचना नहीं मिली है और ना ही समिति के बारे में कोई विवरण उपलब्ध है, सलिए इस पर टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी।"
हालांकि भारत सरकार की ओर से इस समिति या इस पेशकश के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आयी है। हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि यह समिति एमएसपी को लेकर हो सकती है। संयुक्त किसान मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया है कि बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा किसान संगठन के बीच कोई बैठक निर्धारित नहीं है और ना ही ऐसी किसी बैठक के लिए हरियाणा सरकार से आमंत्रण मिला है। 
इधर सिंघु बॉर्डर पर मंगलवार शाम को 32 किसान संगठनों की तरफ से की गई बैठक अब खत्म हो गई है। बैठक के बाद किसान नेताओं ने कहा कि ज्यादातर किसान संगठन अब आंदोलन को खत्म करने के पक्ष में हैं, हालांकि राकेश टिकैत और गुरनाम चढ़ूनी आंदोलन को जारी रखने पर अड़े हुए हैं। हालांकि सर्वसम्मति से ही सब इसका हल चाहते हैं। अब 4 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग में आंदोलन वापसी की घोषणा हो सकती है।
बैठक के बाद किसान नेता हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमसे 5 मेंबरों की सूची मांगी है। हम एक-दो दिन में सूची दे देंगे। अब 4 दिसंबर को हम संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग बुलाएंगे। उसके बाद किसान आंदोलन पर फैसला ले लिया जाएगा।
इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने सभी राज्यों को किसान आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने का निर्देश दिया है। इसी बीच दैनिक भास्कर ने रिपोर्ट दी है कि हरियाणा के किसान नेताओं ने मुकदमों की वापसी के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक करने की घोषणा भी कर दी है। मनोहर लाल खट्‌टर पहले ही कह चुके हैं कि वे किसानों पर दर्ज केस वापस लेने को तैयार हैं। पंजाब सरकार भी इसके लिए पहले ही सहमति दे चुकी है। लक्खोवाल के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़ और रेलवे के केस भी हम पर दर्ज हैं। हरियाणा ने मीटिंग बुला ली है और उत्तर प्रदेश में भी लिस्ट बन रही है।

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