शीतकालीन सत्र  के तीसरे दिन भी विपक्ष का जोरदार हंगामा 

लोकसभा में कृषि कानूनों के विरोध के दौरान किसानों की मौत का मुद्दा उठा, प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसदों ने 'हमें न्याय चाहिए' के नारे भी लगाए, जबकि राज्यसभा के 12 निलंबित सांसदों द्वारा धरना प्रदर्शन का सिलसिला भी शुरू

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1 दिसंबर 2021 @ 13:47
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नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा एवं राज्यसभा में विपक्ष सारकार के खिलाफ एक बार फिर सक्रिय दिखा, जिस कारण सत्ता पक्ष के लिए सदन की कार्रवाई को सुचारू रूप से छालाने में भधा आई। लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कृषि कानूनों के विरोध के दौरान किसानों की मौत का मुद्दा उठाया। इस दौरान सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सांसदों ने 'हमें न्याय चाहिए' के नारे भी लगाए। इधर, हंगामें के चलते राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। प्रश्नकाल के बीच कांग्रेस और डीएमके  सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया
  
आज संसद के अंदर ही सिर्फ हंगामा नहीं हुआ बल्कि संसद परिसर में भी विपक्षी सांसदों ने जमकर प्रदर्शन किया। अपनी निलंबन वापसी की मांग को लेकर यह सभी राज्यसभा सासंद संसद परिसर में ही बने महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। 
तृणमूल कांग्रेस की निलंबित राज्यसभा सांसद डोला सेन और शांता चेत्री के अलावा बुधवार को अन्य सभी निलंबित सांसद संसद परिसर में अपने निलंबन के खिलाफ धरना प्रदर्शन पर बैठ गए। सूत्रों के मुताबिक दोनों सांसद सत्र के दौरान हर रोज सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक धरने पर बैठेंगी। यह धरना सोमवार से लेकर शुक्रवार तक चलेगा। यह भी कहा जा रहा है कि इस धरना प्रदर्शन के दौरान अन्य निलंबित सांसद भी वहां पहुंचेंगे और अपना निलंबन वापस लेने के लिए दबाव बनाएंगे। टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा, 'सांसदों का निलंबन उनके घमंड को दिखाता है जो बहुमत में है। जब वो विपक्ष में थें तब वो लोग भी संसद की कार्यवाही को बाधित करने का काम करते थे। जब तक हमें न्याय नहीं मिलता हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।' 
राज्यसभा के 12 विपक्षी सांसदों के निलंबन रद्द करने की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा के सामने आज भी विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। इसमें राहुल गांधी समेत कई नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा राज्यसभा के निलंबित 12 विपक्षी सदस्य सांसद ससंद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। शीतकालीन सत्र से निलंबित टीएमसी सांसद डोला सेन ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सांसदों का निलंबन बहुमत वालों के अहंकार को दर्शाता है। जब वे विपक्ष में थे तो वे संसद की कार्यवाही को भी बाधित करते थे। न्याय नहीं मिलने तक हम अपना धरना जारी रखेंगे
इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सांसदों को समर्थन देने पहुंचे। राहुल गांधी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य कई नेता भी नजर आए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मौके पर कहा, 'हम यह मांग करते हैं कि राज्यसभा के निलंबित सभी 12 सांसदों का निलंबन वापस लिया जाए। हम एक बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।' 
आपको याद दिला दें कि अगस्त के महीने में मॉनसून सत्र के दौरान इन 12 सांसदों को निलंबित किया गया था। इन सभी सांसदों पर राज्यसभा में भारी हंगामा मचाने और मार्शलों से हाथापाई करने का आरोप लगा था। उस सत्र में इंश्योरेंस बिल पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष में झड़प हो गई थी। सांसदों ने कागज फाड़ दिए थे, धक्का-मुक्की की थी। बवाल इतना बढ़ गया था कि मार्शलों को भी बुलाना पड़ गया था। टीएमसी की महिला सांसद पर मार्शल से अभद्रता का आरोप भी लगा था। इसी हंगामे के बाद दोनों सदनों को समय से दो दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया था।
राज्यसभा के अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा था कि 12 सांसदों का निलंबन वापस नहीं होगा। जिन सदस्यों ने संसद के अंदर हंगामा किया था उन्होंने इसके लिए अफसोस भी नहीं है, इसलिए मैं समझता हूं कि विपक्ष द्वारा इन सांसदों की निलंबन वापसी की मांग को पूरा नहीं किया जा सकता।

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