समाजवादी पार्टी के 2500 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर

आचार संहिता और कोविड के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया

Share
Written by
15 जनवरी 2022 @ 08:35
पल पल न्यूज़ का समर्थन करने के लिए advertisements पर क्लिक करें
Subscribe to YouTube Channel
 
sp

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायकों के शुक्रवार को समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले कार्यक्रम में भारी संख्या में जुटी भीड़ द्वारा कोविड-19 के मानदंडों के उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग के निर्देश पर संबंधित धाराओं में समाजवादी पार्टी के 2500 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर  दर्ज की गई है।  लखनऊ के पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने बताया कि सपा कार्यालय में कोविड उल्लंघन के मामले में गौतमपल्ली थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई है। गौतमपल्ली थाने के उप निरीक्षक अजय कुमार सिंह की तहरीर पर करीब 2500 सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 ( निर्देशों का उल्लंघन), 269 (रोग का संक्रमण फैलाना) 270 (संक्रमण फैलाकर दूसरों की जान जोखिम में डालना ) और 341 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना) के अलावा आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। उपनिरीक्षक ने तहरीर में आरोप लगाया है कि शुक्रवार को दो से ढाई हजार सपा कार्यकर्ताओं ने सपा मुख्यालय के आसपास विक्रमादित्य मार्ग पर बेतरतीब वाहनों को खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध किया और सपा कार्यालय में अवैध ढंग से जमावड़ा (भीड़ जुटान) लगाया। 
तहरीर में यह भी कहा गया है कि कार्यकर्ताओं को लाउडस्पीकर से भीड़ खत्म करने और लोगों से वाहनों को हटाने के लिए समझाया बुझाया गया लेकिन उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ।  उन्होंने चुनाव आचार संहिता और कोविड के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।  प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि समाजवादी पार्टी के कार्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को देखा गया जिनमें अधिकतर बिना मास्क पहने हुए थे। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया, ' जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की एक टीम वहां गई थी, प्रथम दृष्टया कोविड-19 मानदंडों का उल्लंघन हुआ और इसकी जांच की गई और इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। '
एनडीटीवी के अनुसार मामले में कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, 'कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। 'चुनाव आयोग ने कोविड -19 मामलों में निरंतर वृद्धि का हवाला देते हुए पांच चुनावी राज्यों में 15 जनवरी तक सार्वजनिक रैलियों, रोड शो और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने चुनाव प्रचार के लिए 16-सूत्रीय दिशा निर्देशों को सूचीबद्ध करते हुए सार्वजनिक रैलियों और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया तथा घर-घर प्रचार के लिए प्रचारकों की टीम की संख्या उम्मीदवारों समेत पांच तक सीमित कर दिया।   शुक्रवार को मौर्य के अलावा अन्य नेताओं ने भी सपा की सदस्यता ली। 

पल पल न्यूज़ से जुड़ें

पल पल न्यूज़ के वीडिओ और ख़बरें सीधा WhatsApp और ईमेल पे पायें। नीचे अपना WhatsApp फोन नंबर और ईमेल ID लिखें।

वेबसाइट पर advertisement के लिए काॅन्टेक्ट फाॅर्म भरें