एकनाथ शिंदे के आरोप का संजय राउत ने दिया जवाब 

साथ में बोले जो विधायक चले गए, उन्हें महाराष्ट्र में आना और घूमना बहुत मुश्किल होगा

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23 जून 2022 @ 15:43
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मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच एकनाथ शिंदे के खुले पत्र का जवाब संजय राउत ने दिया है। एनडीटीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि एकनाथ शिंदे के मन में क्या है, जो निर्णय होते थे, उसमें एकनाथ शिंदे भी शामिल थे।  वो पार्टी में हमारे बराबरी के साथी थे, पार्टी में हमारे साथ काम करते थे।  अब ये बहाना कि शिवसेना के विधायक वर्षा में नहीं आते थे।  पहले कोविड काल में बंदिश होती थी एक साल तक, बाद में उद्धव ठाकरे छह महीने तक बीमार हो गए। 
अगर सरकार की बात आप करते हैं तो मैं मानता हूं, यह अमानुषता है और आपको (एकनाथ शिंदे) इसलिए रखा था कि आप विधायकों से बात करें, उनकी समस्याओं को सुलझाएं, इसलिए आपको बड़े बड़े पोर्टफोलियो दिए गए पार्टी में, कैबिनेट में आपको ऐसा पद दिया था ताकि आप पार्टी के सभी विधायक, कार्यकर्ताओं को ठीक से संभाल सकें।  सब काम हम नहीं कर सकते, उद्धव जी नहीं कर सकते, ज़िम्मेदारी होती है सबकी, जो ज़िम्मेदारी आपकी थी, वो आपने निभाने की कोशिश की, लेकिन पार्टी में फूट भी डाल दी।  पार्टी सबकी है और यह सबकी जिम्मेदारी है।  जिसको जाना है, वो जा सकते हैं।  कल उद्धव जी ने कहा है कि मैं भी कहता हूं, जिसको जाना है, वो जा सकते हैं, लेकिन फिर एक बार चुनाव में जीतकर आइए, यह जमीन शिवसेना और बालासाहब की है। 
राउत ने आगे कहा कि कोई विधायक दल का एक गुट टूट गया, फूट गया, इसका मतलब पार्टी खत्म हुई, ऐसा नहीं है।  हम बार-बार एक Phoenix पक्षी की तरह ज़मीन से उठकर आसमान में उठ गए हैं।  हमारे लिए यह संकट नया नहीं है, 56 साल से संघर्ष करते आए हैं, क्या होगा? सत्ता जाएगी, पावर जाएगी, मंत्रिपद जाएंगे हमारे लोगों के। और क्या हो सकता है राजनीति में? आप ईडी सीबीआई को हमारे पीछे लगाएंगे, वो हमें जेल में डालेंगे। उसके आगे क्या हो सकता है? आप हमको गोली मारेंगे और क्या हो सकता है? हम यह सब में से गुजर चुके हैं और हमें किसी चीज का डर नहीं है। 
बीजेपी के साथ गठबंधन के सवाल पर राउत ने कहा कि आप जाइए बीजेपी में,  आप MERGE हो जाइए।  हमारी पार्टी शिवसेना ही है।  बालासाहेब ठाकरे के जमाने में भी बहुत लोग छोड़कर गए।  पार्टी हमने बार-बार खड़ी की है, एक बार नहीं और सत्ता तक पहुंचाई है।  यह मेरा और उद्धव जी का खुला चैलेंज है, फिर एक बार पार्टी खड़ी रहेगी।  फिर एक बार सत्ता में आएंगे।  
राज्यसभा चुनावों में शिवसेना प्रत्याशी संजय पवार को हराए जाने के बयान पर वह बोले - सबको मालूम है कि क्या चल रहा है।  यह जो सिलसिला चल रहा है।  इससे पता चलता है कि क्या हुआ है, क्या नहीं हुआ।  चंद्रकांत हंडोरे (कांग्रेस से MLC चुनाव के प्रत्याशी) को किसने हराया है।  कौन चला बाहर।  मैं तो इतना ही कहूंगा कि अब भी मौका नहीं गया है।  अभी भी आप संभल जाइए और फिर अपने घर वापस आइए। 
बातचीत शुरू है या नहीं इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी हमारे दोस्त हैं, हमारे साथी हैं।  इतने दोस्त बैठे हैं, हमारे वहां।  कौन सी मजबूरी में चले गए पता नहीं, लेकिन पूरी पार्टी, महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे के साथ और शिवसेना के साथ एकजुट के साथ खड़ा रहेगा।  विधायक गए इसका मतलब यह नहीं कि पार्टी गई।  
उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने रहेंगे या नहीं वाले सवाल पर वे बोले- आने दो हमारे सभी विधायकों को फ्लोर ऑफ द हाउस पर।  तब देख लेना।  ये जो विधायक चले गए, उन्हें महाराष्ट्र में आना और घूमना बहुत मुश्किल होगा। 

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