PM मोदी ने मन की बात में देश की जनता से मांगी माफी

Mann Ki Baat में PM नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से मांगी माफी, बोले- आपको बचाने के लिए लॉकडाउन लगाया

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
29 मार्च 2020 @ 15:17
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PM Modi apologizes to the people of the country in terms of mind

प्रधानमंत्री मोदी  ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann Ki Baat) के जरिए देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस (Coronavirus)और  देश में लगे लॉकडाउन (India Lockdown) पर अपने विचार देश की जनता के साथ साझा किए. साथ ही पीएम ने लॉकडाउन के दौरान जनता को होने वाली परेशानियों पर भी अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने 'मन की बात' में कोरोना वायरस को हराने वाले कुछ लोगों व डॉक्टरों से भी बात की.

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, 'सबसे पहले मैं देशवासियों से क्षमा मांगता हूं. मुझे विश्वास है कि आप मुझे जरूर क्षमा करेंगे. कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं, जिसकी वजह से आपको परेशानी हुई है. गरीब भाई-बहनों से क्षमा मांगता हूं. आपकी परेशानी समझता हूं लेकिन 130 करोड़ देशवासियों को बचाने के लिए इसके सिवा और कोई रास्ता नहीं था, इसलिए ये कठोर कदम उठाना आवश्यक था. दुनिया की हालत देखने के बाद लगा था कि यही एक रास्ता बचा है. कोरोना वायरस ने दुनिया को कैद कर दिया है. ये हर किसी को चुनौती दे रहा है. ये वायरस इंसान को मारने की जिद उठाए हुए है. सभी लोगों को, मानव जाति को एकजुट होकर इस वायरस को खत्म करने का संकल्प लेना ही होगा. ये लॉकडाउन आपके खुद के बचने के लिए है. आपको खुद को और अपने परिवार को बचाना है. आपको लक्ष्मण रेखा का पालन करना ही है. कोई कानून, कोई नियम नहीं तोड़ना चाहता लेकिन कुछ लोग अभी भी ऐसा कर रहे हैं, वो परिस्थितियों की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं.'

पीएम ने आगे कहा, 'आरोग्य ही सबसे बड़ा धन है. नियम तोड़ने वाले अपने व दूसरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसा करने से इस वायरस से बचना मुश्किल होगा. इस लड़ाई के योद्धा डॉक्टर, पैरा-मेडिकल व अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग हैं. मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं. धन और किसी खास कामना को लेकर नहीं, बल्कि मरीज की सेवा के लिए, दया भाव रखकर कार्य करता है, वो सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक होता है. जो हमारे फ्रंट लाइन सोल्जर हैं. खासकर के हमारी नर्सेज बहनें हैं, नर्सेज का काम करने वाले भाई हैं, डॉक्टर हैं, पैरा मेडिकल स्टाफ हैं, ऐसे साथी जो कोरोना को पराजित कर चुके हैं. आज हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए. साथियों हमारे यहां तमाम साथी आपको, पूरे देश को इस संकट से बाहर निकालने में जुटे हैं. ये जो बाते हमें बताते हैं उन्हें हमें सुनना ही नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन में उतारना भी है.'

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