दुनिया

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टर्की और स्वीडन डिप्लोमेसी की तीखी तपिश में झुलस रहे हैं। धर्मग्रंथ को जलाने की इस घटना के बाद टर्की की सरकार ने स्वीडन पर इस्लामोफोबिया के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाया है।

इमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट में लिखा है "33 सालों से सलमान रुश्दी ने आज़ादी के लिए आवाज़ बुलंद की है और रुढ़िवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी है,वो नफ़रत और बर्बरता को बढ़ावा देने वालों के कायरतापूर्ण हमले का शिकार हुए हैं,उनकी लड़ाई हमारी लड़ाई है,ये सार्वभौमिक है,अब हम पहले से भी अधिक मज़बूती के साथ उनके साथ खड़े हैं"

हमलावर को कस्टडी में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है, 24 साल का यह यूवक न्यूजर्सी के फेयरव्यू स्थित अपने घर से यहां लगभग 650 किमी ड्राइव करके न्यूयॉर्क पहुंचा था,जिसका नाम हादी मातर बताया गया है, मीडिया रिपोर्ट में इसे ईरान समर्थक भी है एवं शिया कट्टरपंथी भी कहा जा रहा है

फ़िलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं और बोल नहीं पा रहे हैं,पुलिस के मुताबिक हमलावर का नाम हादी मतर है और वो 24 साल का है, हमलावर की मंशा का पता नहीं चला है और हमले का कारण जानने के लिए एफ़बीआई की मदद भी ली जा रही है

वॉशिंगटन पोस्ट ने सूत्रों के हवाले से यह बड़ा दावा किया है कि एफबीआई ने पूर्व राष्ट्रपति के घर पर ये छापेमारी न्यूक्लियर दस्तावेजों समेत अन्य सामानों की तलाश में की थी,अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई के बाद एफबीआई पर "निराधार हमलों" की निंदा की

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने एफबीआई द्वारा की जा रही छापेमारी की पुष्टि की,रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जब पिछले साल व्हाइट हाउस छोड़ा था, तब वो कई दस्तावेज अपने साथ ले गए थे,तभी से ही अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ट्रंप और उनके करीबियों पर नजर रख रही थीं

गाजा में तीन दिनों के इजरायली बमबारी में 15 बच्चों सहित कम से कम 44 फिलिस्तीनी मारे गए हैं