एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रोहिंग्या शरणार्थियों को बेंत मारने की सजा पर रोक लगाने की मांग की

रोहिंग्या रिफ्यूजी को बेंत मारने की सजा पर रोक की मांग

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
21 जुलाई 2020 @ 15:16
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Rohingya

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मलेशियाई सरकार से लगभग 20 रोहिंग्या शरणार्थियों को कथित आप्रवासन अपराध के आरोप में बेंत मारने की सजा पर रोक लगाने की मांग की है। मलेशिया में ऐसे अपराध के लिए बेंत मारने की सजा का प्रावधान है।

बता दें कि अधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मलेशिया की सरकार से आग्रह किया है कि वह "आप्रवासन अपराध" के आरोपी कम से कम 20 रोहिंग्या शरणार्थियों को बेंत से मारने की सजा की योजना पर रोक लगा दे।

वहीं, मानवाधिकार संस्था ने इस तरह की सजा को "क्रूर और अमानवीय" बताया है। रोहिंग्या शरणार्थिों के इस समूह में सभी पुरुष हैं। जून में इन्हें बेंत मारने की सजा के साथ-साथ सात महीने की जेल हुई थी। अप्रैल में रोहिंग्या शरणार्थियों का दल भागकर मलेशिया पहुंचा था, जिनमें यह पुरुष भी शामिल हैं।

साथ ही एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बीते सोमवार  20 जुलाई को एक बयान में कहा कि मलेशिया के कोर्ट को अधिकार है कि वो आने वाले दिनों में बेंत मारने की सजा पर रोक लगा दे।

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