ईरान में सरकार के ख़िलाफ़ सड़क पर प्रदर्शन

लोग यात्री विमान को गलती से मार गिराने के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
13 जनवरी 2020 @ 00:41

नई दिल्ली: ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर हज़ारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे लोगों की नाराज़गी उन अधिकारियों से है जिन्होंने पहले यूक्रेन के यात्री विमान को नुक़सान नहीं पहुंचाने का दावा किया था. इन अधिकारियों के ख़िलाफ़ तेहरान के दो विश्वविद्यालयों के बाहर प्रदर्शन होने की ख़बर है. प्रदर्शनकारियों पर अंकुश के लिए कथित तौर पर आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया गया है. वहीं अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इन प्रदर्शनों को प्रेरक बताते हुए उसके समर्थन में ट्वीट किया है.

इससे पहले ईरान ने विमान क्रैश के तीन दिन बाद ग़लती स्वीकार करते हुए कहा कि उसकी मिसाइल ने ही यात्री विमान को मार गिराया था. इस विमान में सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई थी.

तेहरान से मिल रही ख़बरों के मुताबिक़ कम से कम दो यूनिवर्सिटी, शरीफ़ और आमिर काबिर के बाहर प्रदर्शनकारी जमा हुए हैं. पहले ये कहा जा रहा था कि ये हादसे में मारे गए लोगों की याद में जमा हुए हैं. लेकिन शाम होते-होते ये प्रदर्शन उग्र होता चला गया.

ईरान की फ़ास समाचार एजेंसी ने विरोध प्रदर्शन की ख़बरें जारी की हैं. अमूमन ये अर्द्ध सरकारी एजेंसी सरकार विरोधी ख़बरों को कम ही जारी करती है. इसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के सत्तारूढ़ नेताओं के ख़िलाफ़ हज़ार से ज़्यादा लोग नारेबाजी कर रहे हैं. माना जा रहा है विरोध-प्रदर्शन में छात्रों की मौजूदगी ज़्यादा है. वे यात्री विमान को मार गिराने के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. छात्र जो नारे लगा रहे हैं उसमें ईरान के सर्वोच्च नेता कमांडर इन चीफ़ अयतोल्लाह अली ख़मेनेई से इस्तीफ़े और झूठों को मौत की सज़ा देने की मांग कर रहे हैं. फ़ास समाचार एजेंसी के मुताबिक़ पुलिसकर्मियों ने सड़क जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई भी की है. सोशल मीडिया में जो वीडियो फुटेज दिख रहे हैं उसमें आंसू गैस का इस्तेमाल भी हो रहा है.

इस हादसे को लेकर सोशल प्लेटफॉर्मों पर भी लोग अपना ग़ुस्सा व्यक्त कर रहे हैं. एक सोशल मीडिया यूज़र ने ट्विट किया है, "मैं अपने देश के उन अधिकारियों को कभी माफ़ नहीं करूंगा जो इस अपराध में शामिल थे और झूठ बोल रहे थे."

वैसे तेहरान में दिख रहा विरोध प्रदर्शन ईरान के कमांडर सुलेमानी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शन की तुलना में बहुत कमतर है.

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