इराक़ के प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा देने की घोषणा की

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो नौकरी, भ्रष्टाचार का ख़ात्मा और बेहत नागरिक सुविधाओं की माँग कर रहे हैं,अक्तूबर से अबतक 400 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं

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पल पल न्यूज़ वेब डेस्क
1 दिसंबर 2019 @ 01:25

नई दिल्ली: इराक़ के प्रधानमंत्री अब्दुल महदी ने अपने पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा की है. उनके दफ़्तर से जारी बयान के मुताबिक़ गुरुवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन में 40 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने के बाद प्रधानमंत्री ने ये फ़ैसला किया है. अक्तूबर से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन में गुरुवार का दिन सबसे ज़्यादा हिंसक था. इराक़ के सर्वोच्च शिया धार्मिक नेता ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ अत्यधिक बल प्रयोग की निंदा की है और नई सरकार के गठन का आह्वान किया है.अक्तूबर से अबतक 400 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. शुक्रवार को कम से कम 15 लोग मारे गए हैं.यह रिपोर्ट बीबीसी हिंदी डाट काम ने दी है.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो नौकरी, भ्रष्टाचार का ख़ात्मा और बेहत नागरिक सुविधाओं की माँग कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कहा है कि वो 'प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ लगातार हो रही गोलीबारी की ख़बरों से अत्यंत चिंतित हैं'. उन्होंने संयम बरतने की अपील की है. इराक़ में शियाओं के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली अल-सिस्तानी के नए नेता चुने जाने के आह्वान के बाद प्रधानमंत्री ने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है. प्रधानमंत्री का हस्ताक्षर किया हुआ एक बयान जारी किया गया है जिसमें वो कहते हैं, ''सिस्तानी के इस आह्वान पर और इसे जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए मैं आज संसद से अपील करूँगा कि वो मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार कर लें.''

हालांकि बयान में ये नहीं कहा गया है कि उनका इस्तीफ़ा संसद में कब पेश किया जाएगा. मौजूदा संकट पर विचार करने के लिए रविवार को संसद का आपातकालीन सत्र बुलाया गया है. इससे पहले सिस्तानी ने कहा था कि ऐसा लगता है कि पिछले दो महीने की घटनाओं से निपटने में ये सरकार विफल रही है.

कर्बला में सिस्तानी के एक प्रतिनिधि ने उनका बयान टीवी पर पढ़कर सुनाया. उनके बयान में कहा गया था, ''संसद जिसने मौजूदा सरकार को बनाया था, उसे अपने फ़ैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए और उसे वही करना चाहिए जो इराक़ के हक़ में हो.''

महदी लगभग एक साल पहले प्रधानमंत्री बने थे. उस समय उन्होंने जिन सुधारों का वादा किया था, वो पूरा नहीं हो सका. इसके विरोध में इराक़ी युवाओं ने अक्तूबर के पहले हफ़्ते में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया. पहले छह दिनों के प्रदर्शन में 149 आम शहरी मारे गए. प्रधानमंत्री ने कैबिनेट में बदलाव करने और बेरोज़गारी दूर करने के लिए कई योजनाओं को शुरू करने का वादा किया. लेकिन प्रदर्शनकारियों के अनुसार सरकार ने उनकी कोई भी माँग नहीं मानी और वो अक्तूबर के आख़िर में दोबारा सड़कों पर उतर गए. सुरक्षाकर्मियों ने इसे कुचलने की पूरी कोशिश की लेकिन प्रदर्शन कई शहरों में होने लगे. अक्तूबर के आख़िर में प्रधानमंत्री ने कहा कि वो अपना पद छोड़ने को तैयार हैं अगर तमाम पार्टियां किसी नए नेता को चुन लें.

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