अफगानिस्तान ने लिया तालिबान बंदियों को रिहा करने का फैसला

अफगानिस्तान में कई दिनों के हील हुज्जत के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान के 1500 बंदियों को रिहा करने वाले फैसले पर दस्तखत कर दिए

Share
12 मार्च 2020 @ 14:43
Afghanistan decided to release the Taliban captive

हाल में अमेरिका और तालिबान के बीच तय एक समझौते में सरकार और तालिबान की बातचीत से पहले 5000 बंदियों की रिहाई की अपील की गई थी. राष्ट्रपति गनी के फैसले पर तालिबान ने अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन समाचार एजेंसी एपी को एक चिट्ठी देखने को मिली है जिसे तालिबान के बंदी आयोग के प्रमुख मुल्ला नूरूद्दीन तूराबी ने बंदियों, उनके परिवारों और तालिबान नेताओं को लिखा है. इसमें कहा गया है कि बंदियों की रिहाई के बिना अफगान सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं होगी. पश्तो भाषा में लिखी गई ये चिट्ठी पिछले हफ्ते भेजी गई थी. इसमें ये भी कहा गया है कि तालिबान इस बात की जांच करेगा कि रिहा होने वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को दी गई सूची में शामिल हैं या नहीं.

राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित अध्यादेश में कहा गया है कि पहले चरण में रिहा किए जाने वाले बंदियों का चुनाव उनकी उम्र, सेहत और जेल में बिताए गए समय के आधार पर किया जाएगा. रिहा किए जाने वाले बंदियों को ये गारंटी देनी होगी कि वे फिर से हथियार नहीं उठाएंगे. अध्यादेश में कहा गया है कि बाकी 3500 लोगों की रिहाई तालिबान के साथ बातचीत शुरू होने के बाद की जाएगी. हर पखवाड़े तालिबान द्वारा हिंसा कम करने पर 500 लोगों को रिहा किया जाएगा. इसके बाद यदि तालिबान बातचीत को राजी हो भी जाता है तो राष्ट्रपति गनी और उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के झगड़े के कारण वार्ता के लिए सरकारी टीम बनाने में मुश्किल आ रही है. दोनों ने चुनावों में जीत का दावा किया है और राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है.

राष्ट्रपति गनी के अध्यादेश से पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि हिंसा का स्तर "अस्वीकार्य" है. बयान में यह भी कहा गया था कि हालांकि तालिबान ने अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना और शहरों पर हमला रोक दिया है, देहाती इलाकों में हिंसा का स्तर बहुत ऊंचा है. अमेरिकी बयान में यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति चुनाव के संकट ने राष्ट्रीय वार्ता टीम बनाने में बाधा डाली है. इंट्रा अफगान वार्ता मंगलवार को नॉर्वे की राजधानी ऑस्लो में शुरू होने वाली थी.

Click on the ad to support Pal Pal News