'भारतीय जोंटी रोड्स' यानि मुहम्मद कैफ का आज जन्म दिन है ...

इस में कोई दो राय नहीं कि मोहम्‍मद कैफ की गिनती उन क्रिकेटरों में होती रहे गी, जिन्‍होंने अपनी फिटनेस और फील्डिंग के दम पर नाम कमाया

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Written by
शाहिदुल इस्लाम
1 दिसंबर 2019 @ 13:43

आजका इतिहास:

आज भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद कैफ का जन्म दिन है. 1 दिसंबर 1980 उत्तरप्रदेश के शहर इलाहाबाद में जन्म लेने वाले कैफ ने पिछले वर्ष ही क्रिकेट की दुनिया को पूरी तरह अलविदा कहा. मोहम्मद कैफ को भारतीय क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में शुमार किया जाता था. उम्दा बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने भारत के लिए आखिरी मैच खेलने के करीब 12 साल बाद इसी वर्ष क्रिकेट को अलविदा कह दिया. 38 वर्ष के कैफ ने 13 टेस्ट, 125 वनडे खेले थे और उन्हें लाडर्स पर 2002 में नेटवेस्ट ट्राफी फाइनल में 87 रन की मैच जिताने वाली पारी के लिए भी जाना जाता है.

इस के साथ कैफ विश्व कप 2003 में फाइनल खेलने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे. युवराज सिंह के साथ वह अंडर 19 क्रिकेट से चमके थे. उत्तर प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी जीतने वाले कैफ ने आखिरी प्रथम श्रेणी मैच छत्तीसगढ़ के लिए खेला था.

याद रखने वाली बात यह भी है कि सौरव गांगुली की अगुवाई में भारतीय टीम जब भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सुनहरे पन्ने लिख रही थी, तब युवराज के साथ कैफ भारतीय टीम का अभिन्न अंग थे.

कैफ के शुरुआती अंतरराष्ट्रीय करियर के कुछ पारियों में उनका प्रदर्शन  भी अच्छा रहा था. उनकी सबसे अच्छी सीरीज 2002 की नेटवेस्ट सीरीज रही और फाइनल में मुक़ाबले में 45 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 87 रनों की पारी खेली. इस मैच में भारत ने इंग्लैंड के 326 रनों का पीछा कर रहा था और कैफ की इस पारी से भारत को जीत मिली. इस तरह उन्होंने पहली बार वनडे में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार  भी जीता2008 के अंत में बांग्लादेश के खिलाफ श्रृंखला में, उन्हें तीनों एकदिवसीय मैचों में शानदार बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिया गया.

कैफ ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट कैप हासिल किया जब वह 20 साल के थे. हालांकि कुछ सामान्य प्रदर्शनों के बाद, उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा लेकिन 2008 के अंत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में अच्छी वापसी की और दो अर्धशतक भी बनाए. वह विकेटों और एक शानदार कवर फील्डर के क्रिकेट जगत में काफी लोकप्रिय भी रहे.

इसके साथ ही विश्व कप के किसी एक मैच में एक फील्डर द्वारा सर्वाधिक कैच लेने का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम था. जो उन्होंने 10 मार्च 2003 को जोहान्सबर्ग में 2003 क्रिकेट विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ लिए थे.

कैफ ने 13 टेस्ट में 32 की औसत से 2753 रन बनाए. वहीं 125 वनडे में उनका औसत 32 रहा. इस में कोई दो राय नहीं कि मोहम्‍मद कैफ की गिनती उन क्रिकेटरों में होती रहे गी, जिन्‍होंने अपनी फिटनेस और फील्डिंग के दम पर नाम कमाया. उनके बाद में आने वाले भारतीय क्रिकेटरों की फील्डिंग की तुलना कैफ से यकीनन की जाती रही है. कुछ विश्लेसक कैफ को भारत का जोंटी रोड्स भी कहते रहे हैं, जिसने उत्‍तर प्रदेश के इलाहाबाद की धूल भरी गलियों से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्‍सा बन्ने के चैलेन्ज को स्वीकार करते हुए अपनी मिहनत से अपनी जगह बनाई. कैफ ने अपनी मेहनत से रास्‍ता बनाया और वे वर्ल्‍ड कप में भी भागीदारी निभाई.

कैफ ज्‍यादा बहुत जादा पढ़े लिखे नहीं हैं. उन्‍होंने इलाहाबाद के मेवा लाल अयोध्‍या प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज सोरांव से 12वीं तक की पढ़ाई की थी. इसके बाद वे क्रिकेट की दुनिया में ही रच बस गए थे. उन्‍होंने साबित किया कि किताबी ज्ञान से ज्‍यादा जिस चीज में मन लगता हो उसपर दिल से मेहनत की जाये,तो मुकाम मिल सकता है. बचपन से ही उनका मन क्रिकेट में बसता था और वे इलाहाबाद से कानपुर आ गए थे. यहीं से उनहोंने एक प्रकार से छलांग लगाई और भारतीय क्रिकेट टीम में जगह पाई. कैफ ने क्रिकेट को अलविदा कहने से पूर्व सोशल मीडिया पर जारी पत्र में अपने साथ होने वाली ना इंसाफी का इशारों में ज़िक्र भी किया था.

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