19 लाख 6 हज़ार भारतीय अब भरतीय नागरिक नहीं रहे

भारत के संविधान का आर्टिकल 5 भारत मे रहने वाले लोगों को भारत का नागरिक बनाता है, सरकार अगर कुछ करना चाहती है तो बॉर्डर सेक्यूर करे, वो बॉर्डर क्रोस कर रहे लोगों को सीधे गोली मार दे मैं मैं पोस्ट लिखना तो दूर चूं तक नहीं करूँगा

Share
Written by
3 सितम्बर 2019 @ 12:35
Assam NRC

19 लाख 6 हज़ार भारतीय अब भरतीय नागरिक नहीं रहे।

लेकिन आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि खुश होने की ज़रूरत है, अब उनकी संपत्ति आपकी है, मोदी सरकार ने कम से कम अपना एक वादा तो पूरा किया, जिसे गोरखपुर सहित देश के कई हिस्से के लोग पूछ रहे थे, मोदी सरकार कब इन इनलोगो को भगाएगी, और इनकी सम्पत्ति हमें देगी!

असम में, बाढ़ से तबाही का मंजर आम है, जो लोग अपने अपनों को नहीं बचा सके वो ज़रूरी कागज़ात कैसे से बचा पाते? चलिए अपना मैट्रिक सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, इलेक्शन वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड वापस निकाल लेते, लेकिन अपने बाबू जी का उनके बाबू जी का कागज़ात कहाँ से निकालते?

एक काम कीजिये, मान लीजिए आपकी उम्र 25 साल है, और आपके पापा जी की उम्र 55 साल और माता जी की 50 साल है। तो आपकी पैदाइश 1994 की हुई आपके बाबू जी की 1956 और माता जी की 1961 की। अब बताइये, 1971 में आपके बाबू जी और माता जी की उम्र कितनी रही होगी? बाबू जी की 15 साल और माता जी की 10 साल, है न!

आपके बाबू जी के पास, अभी सर्विस बुक सहित सभी जरूरी कागजात ज़रूर होंगे, और आपके दादा जी का शायद ही कोई सर्टिफिकेट हो आपके पास, (अपने आस पास के ग़रीबों के देख लीजिये, भारत मे ज़्यादा ऐसे ही लोग है, साथ मे भारत मे आज भी कितने लोगों के पास अपनी ज़मीन है, इसका इंडेक्स भी ढूंढ लीजियेगा) आप कैसे साबित करेंगे आप भारतीय है? जबकि आपके माता जी की दुर्दशा तो और भी दयनीय है, 1971 में वो 10 साल की थी, और पढ़ नहीं पाई, उस वक़्त की औरतों में पढ़ाई जैसा चलन न के बराबर था, 15 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई, उनके पास उस वक़्त न तो मैट्रिक सर्टिफिकेट था न ही उस वक़्त जन्म प्रमाणपत्र ही बना करता था, उनके किसी सार्टिफिकेट मे शायद ही उनके पिता जी का नाम ही हो। आप आज के दौर में कैसे साबित करेंगे वो भारतीय है घुसपैठिया नहीं है?

लेकिन आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, आप सेफ है, आपके नेतागण सरेआम भरी सभा मे कई बार मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की बात कह चुके है, मुझे उस वक़्त हंसी आती थी, ये पागल हो गए है, लेकिन ये ज़रूर सोचता था, इन्हें इतना बल कहाँ से मिलता है। जवाब आज मुझ सहित सारी दुनिया को पता है। NRC लिस्ट बनाने वाले कौन से लोग है, लापरवाही और भेदभव कि बातें कई बार सामने आ चुकी है, ऐसे में निपक्ष होकर लोगों का नाम जोड़ना और हटाना शुरू से ही संदेह के घेरे में है, इसपर कैसे आंख बंद कर यक़ीन किया जा सकता है, आज मेरे लिए सबसे बड़ा सवाल यही है।

भारत के संविधान का आर्टिकल 5 भारत मे रहने वाले लोगों को भारत का नागरिक बनाता है, सरकार अगर कुछ करना चाहती है तो बॉर्डर सेक्यूर करे, वो बॉर्डर क्रोस कर रहे लोगों को सीधे गोली मार दे मैं मैं पोस्ट लिखना तो दूर चूं तक नहीं करूँगा, लेकिन उन घुसपैठियों को बॉर्डर क्रोस करा कर भारतीयों में मिला देना फिर एक पूरे इलाकें के लोगों को को घुसपैठिए कहते हुए भारत की नागरिकता से बाहर निकाल देना, पूरी तरह से असंवैधानिक है, मुझे लगता है कोई भी भारतीय कभी इसे जस्टिफाई नहीं कर सकता है।।

Click on the ad to support Pal Pal News