नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले एक वर्ष के भीतर प्रधानमंत्री पद पर नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था ने अब तक मोदी सरकार को समर्थन दिया है, वह अब कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।
दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित आदिवासी कांग्रेस के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मेरे आकलन के अनुसार, एक साल बाद मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।”
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश इस समय बड़े आर्थिक और संस्थागत बदलावों के दौर से गुजर रहा है। उनके अनुसार भारत एक गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर आम जनता पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “यह तो केवल शुरुआत है। भारत ऐसे आर्थिक संकट का सामना कर सकता है जैसा लोगों ने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखा होगा।”
कांग्रेस नेता ने महंगाई और सरकारी नीतियों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि आने वाले समय में आर्थिक चुनौतियां और गहरा सकती हैं।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने देश की विभिन्न संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई संस्थाएं दबाव में काम कर रही हैं और व्यवस्था के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग सहित कुछ संस्थाओं के संदर्भ में भी सरकार के प्रभाव का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें विभिन्न संस्थागत स्रोतों से सूचनाएं मिलती रहती हैं और उनके अनुसार वह व्यवस्था, जो पहले पूरी तरह सरकार के समर्थन में दिखाई देती थी, अब कमजोर हो रही है।
इसके साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि यदि आर्थिक स्थिति और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर जनता का दबाव बढ़ता है, तो सरकार असहमति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठा सकती है। राहुल गांधी ने कहा कि “आपातकाल जैसी स्थिति” की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, राहुल गांधी के इन दावों पर केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
