बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। हादसा तब हुआ जब रक्षाबंधन मनाने घर जा रहे मजदूरों की पिकअप को एक तेज़ रफ्तार बस ने टक्कर मार दी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद की एक ब्रेड कंपनी में काम करने वाले 35 से अधिक मजदूर पिकअप में सवार होकर अलीगढ़ जनपद की अतरौली तहसील के रायपुर गांव जा रहे थे। जैसे ही पिकअप सलेमपुर थाने के पास पहुंची, एक तेज़ रफ्तार बस ने ओवरटेक करते हुए पिकअप को टक्कर मार दी। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और 29 लोग घायल हो गए। आठ गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि बाकी 21 का इलाज जिला अस्पताल और निजी अस्पताल में चल रहा है।
हादसे का प्रभाव इतना जबरदस्त था कि बस की टक्कर के बाद पिकअप में सवार लोग सड़क पर दूर-दूर तक जा गिरे। बस का ड्राइवर भी स्टेयरिंग में फंसकर बुरी तरह घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ये मजदूर अलीगढ़ के अतरौली तहसील के अहेरिया नगला गांव के रहने वाले थे और गाजियाबाद में एक फैक्ट्री में काम करते थे। सभी मजदूर रविवार सुबह करीब आठ बजे गाजियाबाद से पिकअप में सवार होकर रक्षाबंधन मनाने के लिए अपने गांव लौट रहे थे।
सुबह करीब 10:15 बजे जब वे सलेमपुर पहुंचे, तो एक तेज रफ्तार बस ने पिकअप को साइड से टक्कर मार दी, जिससे पिकअप अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई और बस के पीछे से भी टकरा गई। इसके बाद पिकअप सवार लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों को उठाया और उन्हें निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में पहुंचे घायलों में से नौ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि एक की मौत चिट्टा के निजी अस्पताल में हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई, और स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने बस में फंसे ड्राइवर को भी निकालने की कोशिश की।
बाद में क्रेन की मदद से बस में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस बदायूं से दिल्ली जा रही थी और तेज गति से ओवरटेक करने के चक्कर में यह हादसा हुआ। सड़क पर वाहनों की भीड़ के कारण पिकअप ड्राइवर को सड़क किनारे चलाना पड़ रहा था, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।
पुलिस की देरी पर नाराजगी
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हादसा सुबह 10:15 बजे हुआ, लेकिन पुलिस को पहुंचने में आधे घंटे की देरी हो गई। राजकुमार, रोहताश, उमेश और सुमित ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत के चलते डग्गामार बसों के कारण अक्सर हादसे होते हैं, लेकिन फिर भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। राजवीर, सचिन, अंकित और अन्य लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो वे खुद ही सड़क पर उतरकर डग्गामार बसों का संचालन बंद कराएंगे।
इन लोगों की हुई मौत
- मुकुट सिंह, निवासी गांव अहेरिया नगला, अलीगढ़
- दीनानाथ, निवासी गांव अहेरिया नगला, अलीगढ़
- ब्रजेश, निवासी गांव अहेरिया नगला, अलीगढ़
- शिशुपाल, निवासी गांव अहेरिया नगला, अलीगढ़
- बाबू सिंह, निवासी गांव अहेरिया नगला, अलीगढ़
- गिरिजा सिंह, निवासी गांव अहेरिया नगला, अलीगढ़
- ओमकार, निवासी ऊंचागांव थाना रामघाट बुलंदशहर
- सुगड़पाल, निवासी गांव अहेरिया नगला, अलीगढ़
- दो अज्ञात
जिला मजिस्ट्रेट सीपी सिंह ने बताया कि हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई है और 29 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नौ घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि आठ घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। हादसे की जांच की जा रही है।
