दुनिया के कई देश इस समय खतरनाक मंकीपॉक्स संक्रमण की चपेट में हैं। अफ्रीकी देशों में इस बढ़ते खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। अब इस बीमारी के मामले एशियाई देशों में भी सामने आ रहे हैं।
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में मंकीपॉक्स के तीन मामलों की पुष्टि हुई है, जो इस साल देश में पहली बार रिपोर्ट किए गए हैं। गुरुवार को मंकीपॉक्स का पहला संदिग्ध मामला सामने आया, जिसके बाद नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) ने इस रोग से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। शुक्रवार को दो और मामलों की पुष्टि हुई। इससे पहले, पिछले साल पाकिस्तान में तीन मामले दर्ज किए गए थे।
पाकिस्तान के अलावा, स्वीडन में भी गुरुवार को मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया गया। कई देशों में मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए चीन की सरकार भी सतर्क हो गई है। चीनी कस्टम प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि अगले छह महीनों तक देश में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की मंकीपॉक्स के लिए निगरानी की जाएगी। पिछले साल चीन में मंकीपॉक्स के मामले बढ़े थे, जिसके चलते डब्ल्यूएचओ ने चिंता व्यक्त की थी।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक अफ्रीकी देशों में 14,000 से अधिक मामले और 524 मौतें दर्ज की गई हैं, जो पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक हैं। इनमें से 96% से अधिक मामले और मौतें कांगो में हुई हैं।
डब्ल्यूएचओ द्वारा वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के अगले ही दिन स्वीडन में पहला मामला सामने आया। संक्रमित व्यक्ति हाल ही में अफ्रीका की यात्रा से लौटा था और स्टॉकहोम लौटने पर उसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को मंकीपॉक्स के खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
