रिलायंस जियो अब दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल डेटा कंपनी बन गई है, और इसका नेटवर्क वैश्विक मोबाइल डेटा ट्रैफिक का आठ प्रतिशत संभालता है। यह जानकारी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने 47वीं वार्षिक महासभा (एजीएम) के दौरान शेयरधारकों को दी।
मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो को लॉन्च हुए केवल आठ साल हुए हैं, और इस अवधि में कंपनी ने दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल डेटा कंपनी बनने का उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि यह विकसित बाजारों के प्रमुख वैश्विक ऑपरेटरों के डेटा उपयोग से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि कंपनी का ग्राहक आधार और डेटा उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
डिजिटल होम सर्विस के क्षेत्र में भी जियो ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। अंबानी ने बताया कि जियो तीन करोड़ से अधिक घरों में डिजिटल सेवाएं प्रदान करता है, और जियोएयरफाइबर का लक्ष्य हर 30 दिनों में 10 लाख नए घरों को जोड़कर 10 करोड़ घरों तक अपनी पहुंच बनाना है।
अंबानी ने 2जी ग्राहकों को 4जी में बदलने की व्यापक योजना भी साझा की और कहा कि जैसे-जैसे 5जी फोन अधिक सस्ते होंगे, जियो के नेटवर्क पर 5जी को अपनाने की गति बढ़ेगी, जिससे डेटा खपत में और वृद्धि होगी। इसके साथ ही, 4जी नेटवर्क की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे जियो 20 करोड़ से अधिक 2जी उपयोगकर्ताओं को 4जी में बदलने की स्थिति में होगा।
रिलायंस ने 2023-24 के वित्तीय वर्ष में 1.7 लाख नई नौकरियां दी हैं, जिससे समूह में कुल कर्मचारियों की संख्या 6.5 लाख से अधिक हो गई है। मुकेश अंबानी ने नौकरियों में कटौती की खबरों को भ्रामक बताते हुए खारिज किया और कहा कि कर्मचारी अब नए रोजगार मॉडल अपना रहे हैं, जिससे वार्षिक रिपोर्ट में पारंपरिक प्रत्यक्ष रोजगार संख्या में थोड़ी गिरावट दिखाई दी है। हालांकि, कुल रोजगार में वृद्धि हुई है। अंबानी ने रोजगार सृजन को भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि रिलायंस को कई एजेंसियों द्वारा भारत के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ताओं में से एक के रूप में मान्यता दी गई है।
