फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा किसानों पर दिए गए विवादित बयान के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन लोकहित के कार्यकर्ताओं ने अपना गुस्सा जाहिर किया। गांधी प्रतिमा के पास धरना दे रहे किसानों का गुस्सा तब भड़क गया जब पुलिस ने कंगना रनौत का पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद गुस्साए किसानों ने गढ़ दिल्ली रोड को जाम कर दिया, जिससे वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे कंगना का पुतला फूंकेंगे। धरने पर बैठे संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता हरीश हूण ने कहा कि एक टीवी साक्षात्कार में कंगना रनौत ने देश के किसानों को अपमानजनक शब्दों से नवाजा, जिससे किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं।
जिलाध्यक्ष देवेंद्र बाना ने आरोप लगाया कि जब देश के किसान दिल्ली में अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे, तब कंगना रनौत ने उनके संघर्ष का मजाक उड़ाया। उन्होंने मांग की कि कंगना किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, भाजपा उन्हें पार्टी से निष्कासित करे, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
धरने के दौरान जब पुलिस ने पुतला कब्जे में लिया, तो किसान नाराज हो गए और उन्होंने नगर पालिका गेट के बाहर सड़क जाम कर दी। करीब 40 मिनट तक चले इस प्रदर्शन के दौरान सड़क पर लंबा जाम लगा रहा।
मौके पर पहुंचे एसडीएम शुभम श्रीवास्तव और सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने किसानों को समझाने की कोशिश की। काफी प्रयासों के बाद, किसान शांत हुए और तहसील चौपला की ओर पैदल मार्च किया, जहां उन्होंने अपनी मांगों के संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। हालांकि, पुलिस ने फिर से पुतला जलाने की कोशिश को नाकाम कर दिया। किसानों के इस प्रदर्शन के चलते वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थिति सामान्य होने में काफी समय लगा।
