आए दिन देश में मुसलमानों पर हमले हो रहे हैं, मस्जिदों और मजारों को निशाना बनाया जा रहा है, और यह सब किसके द्वारा किया जा रहा है, ये किसी से छिपा नहीं है। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर देशवासियों को मुबारकबाद दी है। लेकिन, कश्मीर के नेता रूहुल्लाह मेहदी ने प्रधानमंत्री को करारा जवाब देते हुए एक अहम सवाल उठाया है।
रूहुल्लाह मेहदी ने कहा, “इस मौके पर आपकी सबसे बड़ी और ईमानदार मुबारकबाद यह होगी कि आप अपने इर्द-गिर्द हो रहे पैगंबर मोहम्मद (स.) के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों और ऑनलाइन-ऑफलाइन स्तर पर फैलाई जा रही नफरत को रोकें, जो विशेष रूप से आपकी पार्टी की ट्रोल आर्मी द्वारा की जा रही है।”
देश में मुसलमानों और उनके धार्मिक प्रतीकों के खिलाफ हो रहे हमलों के बीच प्रधानमंत्री की यह मुबारकबाद कहीं खो सी जाती है। रूहुल्लाह ने अपने ट्वीट में सीधे तौर पर उन ट्रोल आर्मी का जिक्र किया, जो हर दिन पैगंबर (स.) और इस्लाम पर अपमानजनक टिप्पणियां करती है।
यह सवाल उठता है कि क्या प्रधानमंत्री सिर्फ शब्दों में मुबारकबाद देने तक सीमित रहेंगे, या फिर इन नफरत फैलाने वालों पर भी कोई कार्रवाई करेंगे? जब देश में हर रोज़ मुसलमानों की इबादतगाहों पर हमले हो रहे हैं, तब एकता और सौहार्द की बातें कितनी सच्ची और ईमानदार लगती हैं?
रूहुल्लाह का यह जवाब साफ दिखाता है कि सिर्फ मुबारकबाद देना काफी नहीं है, बल्कि उन कार्यों पर ध्यान देने की ज़रूरत है, जो समाज में नफरत और विभाजन फैला रहे हैं।
