दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से तुरंत बस मार्शलों की बहाली की सिफारिश की है। दिल्ली कैबिनेट ने सर्वसम्मति से यह फैसला लेते हुए कहा कि बस मार्शलों का मुद्दा केवल सेवाओं से नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा है। इसलिए, एलजी से अनुरोध किया गया है कि योजना तैयार होने तक, 31 अक्टूबर 2023 से पहले जैसी स्थिति में बस मार्शलों की तत्काल बहाली की जाए। दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह बस मार्शलों पर आने वाले सभी वित्तीय खर्चों को वहन करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली में बसों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बस मार्शल योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत हर बस में वर्दीधारी मार्शल तैनात किए गए, जो महिलाओं को सुरक्षा का एहसास दिलाने के साथ-साथ किसी भी आपराधिक घटना का तुरंत सामना करने में सक्षम होते हैं। यह कदम निर्भया कांड जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में उठाया गया था, जहां महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे थे।
हालांकि, 2023 की शुरुआत से ही वित्त विभाग ने बस मार्शलों की नियुक्ति और उनके वेतन पर सवाल उठाए, जिससे हजारों मार्शलों का वेतन अटक गया। इसके बाद, अगस्त 2023 में वित्त विभाग ने कानूनी मुद्दों को उठाते हुए सिविल डिफेंस वालंटियर्स की बस मार्शल के रूप में तैनाती को सही ठहराने पर आपत्ति जताई।
राजस्व विभाग के आदेश के बाद 31 अक्टूबर 2023 से सिविल डिफेंस वालंटियर्स की सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जिससे बसों में तैनात अधिकतर मार्शल हटा दिए गए। इसके परिणामस्वरूप, कई बस मार्शल आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और अपनी बहाली की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बार-बार इस मुद्दे को उठाया और मुख्यमंत्री केजरीवाल से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि बस मार्शलों की मौजूदगी महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का अनुभव कराती है और अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
10 नवंबर 2024 को सभी मंत्रियों की बैठक में यह तय किया गया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बस मार्शलों की तैनाती बेहद ज़रूरी है। मुख्यमंत्री आतिशी ने भी उपराज्यपाल को पत्र भेजकर बस मार्शलों की बहाली की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि जब तक नई योजना तैयार नहीं होती, तब तक सिविल डिफेंस वालंटियर्स को बस मार्शल के रूप में तैनात किया जाए।
इस सिफारिश के तहत, दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल से बस मार्शलों की तत्काल बहाली और महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित निर्णय की अपील की है।
