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ईरान और मलेशिया ने ग़ाज़ा संकट पर इस्लामी एकता की लगायी पुकार

ईरानी राष्ट्रपति ने मलेशियाई प्रधानमंत्री से फोन पर बात करते हुए इस्लामी देशों से ग़ाज़ा में जारी मानवता संकट को रोकने हेतु संयुक्त कूटनीतिक प्रयासों की मांग की।

6–7 अगस्त 2025 | संवाददाता: पल पल न्यूज़ डेस्क

तेहरान—ईरानी राष्ट्रपति मसूड पेज़ेशकियन ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बुधवार सुबह हुई फोन बातचीत में इस्लामी देशों से अपील की कि वे ग़ाज़ा में बढ़ते मानवीय संकट का सामना करने के लिए सशक्त और एकजुट कूटनीतिक प्रयास करें।

आपसी एकता से ही हिंसा को रोका जा सकता है

पेज़ेशकियन ने कहा, “गैज़ा में ज़ायोनिस्ट शासन द्वारा की जा रही हत्याएं किसी भी स्वतंत्र सोच वाले व्यक्ति के लिए अस्वीकार्य हैं। मैं आशा करता हूं कि इस्लामी देश सक्रिय कूटनीति और सामूहिक दबाव के माध्यम से इन अपराधों को रोकने में एकजुट रूप से काम करेंगे।”

ईरान का स्थायी समर्थन

राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान हमेशा से ही पलायनशील फिलिस्तीनी लोगों का समर्थन करता आया है। उन्होंने अन्य इस्लामी देशों से आग्रह किया कि वे भी ग़ाज़ा और उसकी जनता के पक्ष में एक मजबूत और सक्रिय दायित्व निभाएं। “सामूहिक प्रयास ज़ायोनिस्ट शासन के अपराधों का मुकाबला करने में अत्यंत प्रभावी होंगे।”

मलेशिया का समर्थन और कूटनीतिक पहल

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इजरायल द्वारा ग़ाज़ा में की जाने वाली हिंसा की कड़ी निंदा की और कहा कि मलेशिया ने इस संकट पर एक दृढ़ बयान जारी किया है तथा व्यापक कूटनीतिक पहलें शुरू की हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य इस्लामी देशों के सहयोग से इन अपराधों को रोका जा सकता है।

दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को विस्तार से मजबूत करने पर भी सहमति जताई।

स्थिति की गंभीरता

  • ग़ाज़ा में अब तक 60,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिसमें बड़ी संख्या महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
  • भुखमरी, फाइल्ली अभाव, अस्पतालों पर हमले और मानवीय सहायता की बाधित पहुँच से संकट और गहरा गया है।

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