UNICEF ने बताया कि ग़ाज़ा में हर दिन औसतन 28 बच्चे मारे जा रहे हैं। अब तक 17,000 से अधिक बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
5 अगस्त 2025 | तहरीर: पल पल न्यूज़ डेस्क
संयुक्त राष्ट्र की बाल संगठन यूनिसेफ (UNICEF) ने हाल ही में जारी रिपोर्ट में दावा किया है कि ग़ाज़ा में हर दिन औसतन 28 बच्चे मारे जा रहे हैं। यह आँकड़ा सिर्फ़ एक संख्या नहीं, बल्कि एक पूरी कक्षा के बच्चों की रोज़ मिटती ज़िंदगियों की कहानी है।
यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने यूएन सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए कहा कि अक्टूबर 2023 से अब तक ग़ाज़ा में 17,000 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है और हजारों घायल हुए हैं।
बमबारी, भुखमरी और ज़रूरी सेवाओं की कमी
UNICEF ने कहा कि ग़ाज़ा में बच्चों की मौत केवल बमबारी से नहीं हो रही, बल्कि भूख, कुपोषण, दवा की कमी और मानवीय सहायता के अभाव
हमलों में स्कूल और राहत केंद्र भी निशाना
- 25 मई को फ़हमी अल-जरजावी स्कूल
- जुलाई में जाबालिया स्कूल
- खाद्य वितरण केंद्रों पर हमलों में 80 से अधिक बच्चे मारे गए।
गंभीर मानवीय संकट
ग़ाज़ा में करीब 10 लाख बच्चे भुखमरी और कुपोषण की कगार पर हैं। UNICEF और UNRWA ने कहा कि उन्हें तत्काल मदद, भोजन, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता की ज़रूरत है।
यह रिपोर्ट वैश्विक समुदाय के लिए एक जागरण की घंटी है। हर दिन बच्चों की लाशों पर राजनीति और युद्ध का खेल बंद होना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अब और देरी किए बिना हस्तक्षेप करना होगा।
Source: UNICEF, Tasnim News, Euronews, Al Jazeera
