प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया फ्रांस यात्रा भारत और फ्रांस के रिश्तों के लिए एक अहम कूटनीतिक कदम साबित हुई है। इस दौरे में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई।
रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, व्यापार और डिजिटल सहयोग जैसे कई क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई।इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रणनीतिक साझेदारी ढांचे को और मजबूत करने पर सहमति जताई। रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 13 से 19 नए समझौतों पर सहमति बनी है।
इनमें रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और शिक्षा आदान-प्रदान शामिल हैं।सबसे महत्वपूर्ण चर्चा डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI के फ्रांस में विस्तार को लेकर हुई।
इससे भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को यूरोप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे दोनों देशों के बीच लेनदेन आसान और तेज होगा।रक्षा क्षेत्र में भी बड़ा सहयोग देखने को मिला। भारत और फ्रांस ने राफेल जेट और भविष्य की सैन्य तकनीक के संयुक्त विकास पर बातचीत की।
इसके अलावा मेक इन इंडिया के तहत जॉइंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।AI, सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब केवल बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार का केंद्र बन रहा है। फ्रांस ने भी भारत को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताया।कुल मिलाकर यह यात्रा भारत–फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली साबित हुई है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
