जर्मनी में आयोजित G7 समिट 2026 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। इस सम्मेलन में मुख्य रूप से यूक्रेन युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका, और वैश्विक व्यापार प्रणाली पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस समिट में भारत की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ अब भारत को एक संतुलित और प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में देख रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल सहयोग और संवाद से ही संभव है, न कि टकराव से।
यूक्रेन युद्ध को लेकर समिट में शांति बहाली और मानवीय सहायता पर जोर दिया गया, जबकि AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इसके नैतिक उपयोग और नियंत्रण पर भी चर्चा हुई। भारत ने स्पष्ट किया कि तकनीक का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों की जरूरत है।
इसके साथ ही वैश्विक व्यापार को अधिक समावेशी और विकास-उन्मुख बनाने पर भी विचार हुआ, जिसमें विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारत ने इस दिशा में एक मजबूत आवाज उठाते हुए अपने विकास मॉडल और डिजिटल प्रगति को भी प्रस्तुत किया।
G7 समिट 2026 में भारत की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि देश अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक नीतियों को दिशा देने वाला एक प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है। आने वाले समय में भारत की भूमिका और भी निर्णायक होने की उम्मीद है।
