रेगिस्तान में बना भारत का ऊर्जा महाकेंद्र! पीएम मोदी ने राष्ट्र को समर्पित की देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी–पेट्रोकेमिकल परियोजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित किया। करीब ₹79,450 करोड़ की लागत से बनी यह परियोजना भारत की 24वीं रिफाइनरी है और पिछले एक दशक में स्थापित होने वाली पहली बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी भी मानी जा रही है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने पश्चिमी राजस्थान के लिए ₹1.06 लाख करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें रेलवे, सड़क, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।यह परियोजना HPCL Rajasthan Refinery Limited (HRRL) द्वारा विकसित की गई है, जो हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है।

लगभग 4,400 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर में अत्याधुनिक रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल इकाइयां स्थापित की गई हैं। निर्माण के दौरान लगभग 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई, 16 लाख घन मीटर कंक्रीट और 3 लाख मीट्रिक टन स्टील का उपयोग किया गया। परिसर में हजारों किलोमीटर लंबी केबलिंग और आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना विकसित की गई है।

यह रिफाइनरी केवल पेट्रोल और डीजल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी निर्माण करेगी, जिससे कच्चे तेल का अधिकतम मूल्य प्राप्त किया जा सकेगा। इससे भारत की आयातित पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता घटाने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, औद्योगिक विकास को गति देने और राजस्थान में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पश्चिमी भारत के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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