1 जुलाई 2026 से देश में कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब, टैक्स, बैंकिंग, यात्रा और डिजिटल सेवाओं पर पड़ेगा। सबसे बड़ा बदलाव इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय-सीमा को लेकर है। वेतनभोगी और सामान्य करदाताओं (ITR-1 और ITR-2) के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है, जबकि व्यवसायियों और पेशेवरों (ITR-3 और ITR-4) के लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया है। समय सीमा चूकने पर लेट फीस, ब्याज और कुछ कर लाभों से वंचित होना पड़ सकता है।
UIDAI ने भी राहत देते हुए 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए आधार में ईमेल अपडेट या जोड़ने पर ₹75 शुल्क माफ कर दिया है। हालांकि आधार सेवा केंद्र पर यह सुविधा लेने पर निर्धारित शुल्क देना होगा।वहीं, कई प्रमुख बैंकों ने क्रेडिट कार्ड एयरपोर्ट लाउंज सुविधा के नियम सख्त कर दिए हैं। अब मुफ्त लाउंज एक्सेस के लिए पिछले तिमाही में तय न्यूनतम खर्च करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा कुछ कार्डों के रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक नियमों में भी बदलाव किया गया है।
उधर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय उत्पादों की मिस-सेलिंग पर सख्त नियम लागू किए हैं। यदि कोई बैंक या संस्था ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना बीमा, ULIP या अन्य निवेश उत्पाद बेचती है और शिकायत सही पाई जाती है, तो ग्राहक को पूरा रिफंड और नुकसान का मुआवजा देना होगा।
इसके अलावा पासपोर्ट शुल्क में संशोधन और EPFO के डिजिटल सिस्टम अपग्रेड जैसे बदलाव भी लागू हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये सभी नए नियम पारदर्शिता बढ़ाने, उपभोक्ता अधिकार मजबूत करने और डिजिटल सेवाओं को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
