ग्लासगो में लहराया तिरंगा! भारत के मुक्केबाज़ों का दमदार प्रदर्शन, 5 पदक पक्के; एथलेटिक्स और लॉन बॉल्स में भी चमके भारतीय खिलाड़ी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग और लॉन बॉल्स में खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया, जिससे भारत का पदक अभियान और मजबूत हो गया। भारतीय दल लगातार शीर्ष देशों को चुनौती देते हुए ग्लासगो में तिरंगा बुलंद कर रहा है।


बॉक्सिंग रिंग में भारत का दबदबा सबसे ज्यादा देखने को मिला। भारतीय मुक्केबाज़ों ने शानदार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और देश के लिए कम से कम पांच पदक पक्के कर दिए। महिला 70 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने न्यूज़ीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 से हराया, जबकि महिला 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 के एकतरफा फैसले से मात दी।

पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच और पुरुष 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश पंघाल ने भी अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं जादूमणि सिंह और प्रीति पवार ने भी अपने-अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक की उम्मीदें और मजबूत कर दीं।


एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दम दिखाया। पुरुष 200 मीटर स्पर्धा में अनिमेष कुजूर ने 20.46 सेकंड का सीज़न बेस्ट समय निकालते हुए अपनी हीट में पहला स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने मौजूदा कॉमनवेल्थ 100 मीटर चैंपियन इमैनुएल एसेमे को भी पीछे छोड़ दिया।

वहीं शॉट पुट में समरदीप सिंह गिल ने 19.95 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया।
भारत के खाते में दो और रजत पदक भी जुड़े। उत्तर प्रदेश के गुलवीर सिंह ने पुरुष 10,000 मीटर दौड़ में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता और इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।

दूसरी ओर हरजिंदर कौर ने महिला 69 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग में कुल 221 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया और बर्मिंघम 2022 के कांस्य पदक को इस बार रजत में बदल दिया।


लॉन बॉल्स में भी भारत की जीत का सिलसिला जारी रहा। नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की जोड़ी ने नामीबिया को 2-0 से हराकर अपना विजयी अभियान बरकरार रखा और अगले दौर की ओर मजबूत कदम बढ़ाया।


29 जुलाई तक भारत के खाते में 12 पदक दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 2 स्वर्ण, 7 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग में पांच से अधिक पदक पहले ही सुनिश्चित हो चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में भारत की पदक तालिका और मजबूत होने की उम्मीद है। ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का जज़्बा, मेहनत और शानदार प्रदर्शन देशवासियों के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।

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