कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित memoir ‘Belonging: A Journey of Love’ रिलीज से पहले ही राजनीतिक और publishing controversy में घिर गई है। 544 पन्नों की यह किताब 10 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Alfred A. Knopf के जरिए प्रकाशित होने वाली है। किताब में सोनिया गांधी ने अपने बचपन के इटली से लेकर राजीव गांधी से मुलाकात, भारत आने, इंदिरा गांधी के साथ रिश्ते, परिवार की त्रासदियों और अपने लंबे राजनीतिक सफर को व्यक्तिगत नजरिए से दर्ज किया है।
विवाद तब शुरू हुआ जब रिपोर्ट्स सामने आईं कि Penguin Random House India (PRHI) की कानूनी और संपादकीय समीक्षा के दौरान किताब के कुछ हिस्सों में बदलाव या कटौती का सुझाव दिया गया। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS, भारत-चीन सीमा विवाद और चीनी घुसपैठ से जुड़े राजनीतिक संदर्भ शामिल बताए गए। सोनिया गांधी ने कथित तौर पर इन हिस्सों को हटाने से इनकार किया, जिसके बाद PRHI ने भारत में किताब के प्रकाशन और वितरण से दूरी बना ली।
कांग्रेस नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार पर कथित दबाव का आरोप लगाया। अशोक गहलोत, कमलनाथ और गौरव गोगोई समेत कई नेताओं ने सवाल उठाया कि अगर किताब का मूल संस्करण विदेशों में प्रकाशित हो सकता है, तो भारत में इसे लेकर आपत्ति क्यों है।
वहीं, PRHI ने सरकारी दबाव के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कानूनी fact-checking और editorial suggestions प्रकाशन प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं और कंपनी किताब प्रकाशित करने के लिए इच्छुक थी।
दूसरी ओर, BJP नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास बताया और पुराने विवादों का हवाला देकर पलटवार किया।
अब नजर इस बात पर है कि भारत में किताब के लिए कौन-सा प्रकाशक सामने आता है। रिपोर्ट्स के अनुसार HarperCollins India घरेलू प्रकाशन अधिकार हासिल करने की दौड़ में आगे है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय संस्करण तय तारीख पर रिलीज होने की संभावना है।
