जयपुर के ऐतिहासिक त्रिपोलिया बाजार स्थित पुरोहित जी का कटला यानी मनिहारों का कटला में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। सेठी कॉम्प्लेक्स में करीब सुबह 7 बजे शुरू हुई आग देखते ही देखते कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक सामान, कॉस्मेटिक्स और लाख की चूड़ियों का स्टॉक रखने वाली 20 से ज्यादा दुकानों तक फैल गई।
अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 25 दुकानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। बाजार खुलने से पहले आग लगने के कारण बड़ी जनहानि टल गई, हालांकि व्यापारियों ने करोड़ों रुपये के नुकसान की बात कही है।
शुरुआती जांच में आग की वजह सामान के पास शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, कुछ व्यापारियों ने ऊपरी हिस्से में कथित निर्माण कार्य के दौरान वेल्डिंग की चिंगारी गिरने का आरोप भी लगाया है। पुलिस दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
आग बुझाने के अभियान में करीब 30 फायर टेंडर और 50-60 दमकलकर्मी व अन्य फायर टीमें जुटीं।
आग पर दोपहर करीब 2:30 बजे मुख्य रूप से काबू पाया गया, लेकिन बंद दुकानों के भीतर से धुआं और गर्मी निकलती रही, जिसके चलते शाम तक कूलिंग और निगरानी जारी रही। संकरी गलियों ने बचाव अभियान को बेहद मुश्किल बनाया। फायर टेंडरों को मुख्य सड़क पर रोककर लंबी पाइपलाइन अंदर तक ले जानी पड़ी। पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण दमकलकर्मियों को कुछ हिस्सों की दीवारें भी तोड़नी पड़ीं।
घटना के बाद पुरोहित जी के कटले और आसपास के बाजारों को बंद रखा गया तथा बाड़ी चौपड़ से त्रिपोलिया गेट तक यातायात नियंत्रित किया गया। यह इलाका जयपुर की ऐतिहासिक वॉल्ड सिटी का हिस्सा है, जिसे 2019 में UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था।
आग के बाद बाजार की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। व्यापारियों ने दावा किया कि लगाए गए फायर हाइड्रेंट, स्मोक डिटेक्टर और प्रेशर सिस्टम लंबे समय से ठीक से काम नहीं कर रहे थे। किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने भी फायर NOC और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की मांग उठाई है और आरोप लगाया कि वॉल्ड सिटी में सुरक्षा प्रणालियों का लंबे समय से उचित निरीक्षण नहीं हुआ।
प्रशासन अब यह भी जांच रहा है कि संबंधित दुकानों और परिसर के पास वैध Fire NOC मौजूद थे या नहीं।
इस हादसे ने एक बार फिर जयपुर के पुराने और बेहद संकरे बाजारों में आग लगने की स्थिति में त्वरित निकासी, फायर हाइड्रेंट और आपातकालीन पहुंच की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
