एक धमाका और कई किलोमीटर तक गूंजती आवाज- MRPL की Coker Hydrotreater यूनिट में आखिर क्या हुआ?

कर्नाटक के मंगलुरु में बुधवार, 30 सितंबर को Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited (MRPL) परिसर में हुए जोरदार धमाके ने आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मचा दी। दोपहर करीब 12:20 से 12:30 बजे के बीच रिफाइनरी की Coker Hydrotreater Unit (CHT) में विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग लग गई और आसमान में काले धुएं का घना गुबार दिखाई दिया। धमाके की आवाज मंगलुरु के कई हिस्सों तक सुनाई दी और जोकट्टे, कावूर, येय्याडी तथा सुरथकल जैसे इलाकों में लोगों ने झटके महसूस होने की बात कही।
MRPL के मुताबिक, घटना हाई-प्रेशर कोल्ड सेपरेटर में अचानक हुई rupture के बाद हुई।

यह उपकरण Coker Hydrotreater Unit का हिस्सा था और करीब 70 बार दबाव पर काम कर रहा था। इसके बाद प्रभावित यूनिट को तुरंत isolate किया गया और MRPL की emergency response तथा firefighting teams ने आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। New Indian Express के अनुसार, आग को नियंत्रित करने के बाद cooling और अन्य safety operations भी जारी रहे।
हादसे में एक कर्मचारी की मौत हुई है।

Indian Express और India Today की रिपोर्ट के मुताबिक मृतक की पहचान 30 वर्षीय contract worker Manish Karkera के रूप में हुई है। घायलों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर रहा, लेकिन बाद की रिपोर्टिंग में एक गंभीर रूप से घायल कर्मचारी समेत करीब नौ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। एक कर्मचारी को गंभीर burn injuries के बाद ICU में इलाज दिया जा रहा है, जबकि अन्य घायलों को चोटों की गंभीरता के अनुसार अस्पताल में उपचार मिला।

धमाके का असर रिफाइनरी के बाहर भी महसूस हुआ। आसपास के इलाकों में घरों के शीशे और दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। मंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास भी धमाके की आवाज और कंपन महसूस होने की रिपोर्ट आई, हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार एयरपोर्ट का संचालन सामान्य रहा और उसके बुनियादी ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

घटना के बाद पुलिस, जिला प्रशासन और रिफाइनरी की टीमें मौके पर पहुंचीं। मंगलुरु पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने स्थिति का जायजा लिया और बताया कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। घटना की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हाई-प्रेशर उपकरण में rupture किन परिस्थितियों में हुआ। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर इसे किसी खास maintenance failure या material fatigue का परिणाम बताना जल्दबाजी होगी।

यह हादसा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि रिफाइनरी जैसे high-hazard industrial परिसर में pressure vessels और process units बेहद उच्च दबाव और तापमान पर काम करते हैं। ऐसे हादसे के बाद सिर्फ आग पर नियंत्रण ही नहीं, बल्कि प्रभावित equipment की जांच, आसपास की यूनिटों की safety assessment और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए preventive measures की समीक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है।


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