प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश को संबोधित कर रहे थे, तब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को वीआईपी लाइन में पीछे की पंक्ति में बिठाया गया। उनके साथ ओलंपिक से लौटे खिलाड़ी भी बैठे थे। इस घटना पर सोशल मीडिया में लोगों ने आलोचना शुरू कर दी, सवाल उठाते हुए कि नेता प्रतिपक्ष को इतनी पीछे क्यों बिठाया गया।
इस पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “छोटे मन के लोगों से बड़ी चीजों की उम्मीद करना व्यर्थ है। नेता प्रतिपक्ष को पांचवीं पंक्ति में बिठाकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कुंठा दिखाई है, लेकिन इससे राहुल गांधी को कोई फर्क नहीं पड़ता। नेता प्रतिपक्ष का दर्जा कैबिनेट मंत्री के बराबर होता है, लेकिन सरकार के मंत्री पहली पंक्ति में बैठे थे। इससे साफ है कि इनकी लोकतंत्र और उसकी परंपराओं में कोई आस्था नहीं है।”
सुप्रिया ने यह भी कहा, “सच यह है कि मोदी और उनके मंत्री राहुल गांधी से नज़रें चुराते हैं और असहज महसूस करते हैं। राहुल गांधी चाहे पांचवीं पंक्ति में बैठे हों या पचासवीं, वे जनता के नायक हैं। लेकिन इस तरह की नीच हरकतें कब तक चलेंगी?”
इससे पहले, कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भी सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की सीटिंग अरेंजमेंट की तस्वीर साझा करते हुए रक्षा मंत्रालय की आलोचना की। उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्रालय द्वारा ऐसा तुच्छ व्यवहार क्यों किया गया? नेता प्रतिपक्ष का दर्जा किसी भी कैबिनेट मंत्री से ऊपर होता है, लेकिन उन्हें चौथी पंक्ति में बिठाया गया।”
रक्षा मंत्रालय ने सफाई देते हुए कहा कि सभी बैठने की व्यवस्थाएं वरीयता तालिका के अनुसार की गई थीं और इस साल पेरिस ओलंपिक के पदक विजेताओं को विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित करने का निर्णय लिया गया था।
