rahul-gandhi-said-there-is-not-single-dalit-tribal-obc-in-miss-india-big-promise-made-regarding-reservation

‘मैंने मिस इंडिया की लिस्ट निकाली, उसमें एक भी दलित, अल्पसंख्यक नहीं…’, राहुल गांधी

प्रयागराज में आयोजित एक सभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर से जातिगत जनगणना की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास और सामाजिक न्याय के लिए यह जनगणना बेहद आवश्यक है। राहुल गांधी ने कहा कि आज तक मिस इंडिया प्रतियोगिता में एक भी दलित, आदिवासी, या ओबीसी महिला को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, जो हमारे समाज की असमानता को दर्शाता है।

उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “मीडिया में अक्सर बॉलीवुड, क्रिकेट, और नाच-गाने की चर्चा होती है, लेकिन किसानों, मजदूरों, और वंचित वर्गों की समस्याओं पर बात नहीं होती।” उन्होंने मिस इंडिया की लिस्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि “मैंने सोचा कि इसमें कम से कम एक दलित या आदिवासी महिला होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। इससे साफ होता है कि समाज के ये वर्ग अभी भी मुख्यधारा से बाहर हैं।”

राहुल गांधी ने आरक्षण की सीमा बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा, “अगर कोई सोचता है कि सोशल इकोनॉमिक सर्वे या संस्थागत सर्वे नहीं होगा, या आरक्षण में 50% की सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी, तो वह गलत सोच रहा है। ये सब होगा, क्योंकि हिंदुस्तान की जनता ने इसे तय कर लिया है। अगर वर्तमान प्रधानमंत्री इसे नहीं करेंगे, तो अगला प्रधानमंत्री जरूर करेगा।”

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश के 500 सबसे बड़े उद्योगपतियों की सूची में एक भी दलित, आदिवासी, या पिछड़े वर्ग का व्यक्ति नहीं है। यही हाल ज्यूडिशरी, कॉर्पोरेट, और मीडिया सेक्टर का भी है। इसीलिए कांग्रेस जातिगत जनगणना को केवल गिनती नहीं, बल्कि नीति निर्माण का आधार मानती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के लिए जातिगत जनगणना नीति निर्माण की नींव है, और यह कदम देश के 90% लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए जरूरी है।

Author

U.S. Takes Strong Action: Sanctions Imposed on Over 100 Companies Supporting Russia

अमेरिका का बड़ा कदम: रूस को हथियार सप्लाई करने वाली 100 से अधिक कंपनियों पर लगाया बैन

digital currency

UPI : डिजिटल रुपये पर संदेह: पूर्व RBI डिप्टी गवर्नर का बयान